April 18, 2018
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योगी की लोकप्रियता, लोगों की पीठ के प्रति श्रद्धा दर्शा गया विजयादशमी का जुलूस

गोरखपुर: स्टेट के सीएम और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में आज निकला विजयदशमी का विजय जुलूस कई मायनों में अपनी छाप छोड़ गया। जुलूस में शामिल होकर बड़ी संख्या में भक्तों ने जहां गोरक्षपीठ के प्रति अपनी आस्था दिखाई, वहीं शाम चार बजे के करीब विजय जुलूस गोरखनाथ मंदिर से निकला तो योगी को देखने हेतु सड़क पर दूर तक तिल रखने की जगह नहीं बची।

हालांकि सीएम की पदवी सम्हालने के बाद भी महंत आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के परम्परागत परिधान में श्रद्धालुओं को लगातार निर्देशित कर रहे थे। पिछले साल तक जब वह सांसद और गोरक्षपीठा धीश्वर के रूप में इस जुलूस की अगुवाई करते थे तो भी इस पीठ के प्रति आस्थावान लोग व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सचेत रहते थे, किन्तु मार्च से मुख्यमंत्री बनने के बाद जुलूस में उनकी सुरक्षा को लेकर सरकारी तंत्र पुलिस, अर्द्धसैनिक बल के जवान और कमांडो भी मुस्तैद दिखे।

मुख्यमंत्री के रथ के आगे-आगे कमांडो और चारों तरफ सुरक्षा का मजबूत घेरा था ,लेकिन इस सावधानी के साथ कि जुलूस में शामिल भक्तों को कोई दिक्कत न हो। न ही जुलूस के पारम्परिक स्वरूप में कोई अंतर आये।

हालांकि विजय जुलूस से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर में स्थित श्रीनाथजी के मंदिर में योगियों, संतों के साथ विशेष अनुष्ठान किया। उनके तिलकोत्सव में बड़ी संख्या में भक्तों ने उन्हें तिलक लगाया और आशीर्वाद लिया। इनमें आज ही गोरखपुर पहुंचे केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री शिवप्रताप शुक्‍ल और कई सांसद, विधायक शामिल थे।

शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमान सेवा दल और रामा दल के लड़ाके थे। कुछ स्थानों पर उन्होंने करतब दिखाये। उनके पीछे श्रद्धालु लगातार जयघोष करते हुए चल रहे थे। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर का रथ था। रथ के चारों तरफ कमांडो और पुलिस के घेरे के साथ ही बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु चल रहे थे। श्रद्धालुओं के हाथों में ध्वज, नाद, दंड और परम्परागंत अस्त्र-शस्त्र थे।

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