February 25, 2018
हेल्थ एंड ब्यूटी टिप्स

कैसे बचें मिर्गी से, क्या करें जब आये मिर्गी का दौरा, बता रहे हैं डॉ संदीप चौधरी

मिर्गी रोग से कैसे बचें ?

नीतीश गुप्ता
गोरखपुर: मिर्गी रोग ऐसा है कि जिसका नाम सुनते ही शरीर कांप उठता है। लेकिन क्या आपको पता है ये बीमारी उतनी खतरनाक नही है जितना आप और हम इसे समझते है।

मिर्गी का सरल उपचार है जो कि बता रहे है डॉ संदीप चौधरी।

Gorakhpur Final Report से बात करते हुए डॉ चौधरी ने बताया मिर्गी की बीमारी किसी भी उम्र के लोगो को हो सकती है चाहे वो बच्चा हो,जवान हो या फिर कोई बूढ़ा।

उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को विश्व भर में विश्व मिर्गी दिवस का आयोजन होता है,जिसमे लोगो को मिर्गी से जुड़े चीजो से जागरूक किया जाता है।

मिर्गी का कारण

मस्तिष्क में असामान्य रूप से विदयुत का संचार होने से व्यक्ति को एक विशेष प्रकार के झटके लगते हैं और वह मूर्छित हो जाता है। यह मूर्छा कुछ सेकंड से लेकर 4 से 5 मिनट तक रह सकती है। मिर्गी रोग दो प्रकार के हो सकते हैं आंशिक तथा पूर्ण। आंशिक मिर्गी में मस्तिष्क का एक भाग अधिक प्रभावित होता है पूर्ण मिर्गी में मस्तिष्क का दोनों भाग प्रभावित होता है।

दौरे के समय क्या करे?

जब रोगी को दौरे आ रहे हो, बेहोश पड़ा हो या झटके आ रहे हो तो उसे साफ नरम जगह पर करवट से लिटाकर सिर के नीचे तकिया लगाकर कपड़े ढीले करके उसके मुंह में जमा लार या थूक को साफ कर रुमाल से पोछ देना चाहिए। रोगी के मुंह में कुछ नहीं फ़साना चाहिए। यदि दातों के बीच में जीभ फ़सी हो तो उसे उंगली से अंदर कर दे अन्यथा दातों के बीच जीभ कटने का डर रहता है।

मिर्गी का उपचार

मिर्गी का उपचार दवा और शल्य क्रिया के द्वारा किया जा सकता है पर इस रोग का उपचार लगातार कराने की आवश्यकता रहती है। डॉक्टर चौधरी ने बताया कि अब आधुनिक चिकित्सा शास्त्र में मिर्गी का इलाज आसानी से हो जाता है।

 

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