April 18, 2018
देवरिया / कुशीनगर

देवरिया में 1952 की बनी जेल में कैदियों के हिसाब से कम हैं बन्दी रक्षकों की संख्या

देवरिया जेल में कैदियों के हिसाब से कम हैं बन्दी रक्षकों की संख्या ज्यादा

देवरिया: जिले में 1952 में बने जिला जेल में बंदियों की हिसाब से बन्दी रक्षकों की संख्या काफी हैं और जेल प्रशासन इन्हीं बन्दी रक्षकों के सहारे जेल की सुरक्षा तथा अन्य कामों को निपटा रहा है। जेल अधीक्षक डीके पाण्डेय ने आज यहां बताया कि 1952 में बनी जेल की क्षमता 533 कैदियों की है। लेकिन इस समय इस जेल में देवरिया और कुशीनगर के कैदियों को मिलाकर 1570 कैदी जिला जेल में निरूद्ध हैं। जिसमें महिला कैदियों की संख्या 120 के करीब हैं।

उन्होंने बताया कि जेल में बन्दी रक्षकों की संख्या कैदियों के हिसाब से काफी कम है। इस समय जेल में कुल 55 बन्दी रक्षकों की तैनाती की गई है, जो कैदियों की संख्या को देखते हुये कम है। लेकिन इन्हीं बन्दी रक्षकों से जेल की सुरक्षा तथा अन्य काम बखुबी ढंग से निपटाया जा रहा हैं।

श्री पाण्डेय ने बताया कि इस समय भीषण ठंड में कैदियों को एक समय अतिरिक्त रूप से चाय दी जा रही है और कैदियों को ठंड से बचाव के लिये अलाव की भरपूर ब्यवस्था की गई है। कैदियों को अतिरिक्त कम्बल दिये जा रहे हैं और कैदियों को घर से कम्फल मंगाने की छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि इस ठंड को देखते हुये 200 कम्बल जेल में दान के रूप में आया है। जिसे कैदियों को दे दिया गया है।

गौरतलब है कि देवरिया जेल में अन्य जनपदों के शातिर कैदियों को रखा गया है। जिसमें इलाहाबाद के बाहुबली अतीक अंसारी भी इसी जेल में निरूद्ध है। इस कारण यह जेल सुरक्षा के कारणों से और भी महत्वपूर्ण हो जा रही हैं।

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