April 18, 2018
देवरिया / कुशीनगर

युवा आंदोलनकारियों की मेहनत लायी रंग, बरहज में मोहन सेतु का निर्माण कार्य हुआ प्रारम्भ

मोहन सेतु निर्माण

राकेश मिश्रा
बरहज: जिले के बरहज तहसील में मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के युवा आंदोलनकारियों की मेहनत रंग लायी है। इसके साथ ही देवरिया और मऊ जनपद को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मोहन सेतु का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है।

आपको बता दें कि स्थानीय जनता की मांग पर बरहज में घाघरा नदी पर फरवरी 2014 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने प्रसिद्द समाजवादी नेता मोहन सिंह के नाम पर मोहन सेतु के निर्माण को हरी झंडी दिखायी थी। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इसका शिलान्यास भी किया था।

Mohan Setu Nirman Samiti

Mohan Setu Nirman Samiti

आपको बता दें कि सरयू तट पर निर्माणाधीन स्वर्गीय मोहन सिंह सेतु का निर्माण कार्य पिछले छः महीने से अवरुद्ध था। इस नाते स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त था।
सेतु के निर्माण कार्य को पुनः प्रारम्भ कराने को संकल्पित होकर बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित के नेतृत्व में 51 सदस्यीय मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया।

समिति ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर पुल के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के लिए हरसंभव दबाब बनाना शुरू किया। मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति और
और समाजवादी पार्टी के युवा नेता विजय रावत ने निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाने के लिए 16 जनवरी को बरहज में एक विशाल धरने का आयोजन भी किया था।

लेकिन उससे पहले ही सेतु निगम के उच्चाधिकारियों द्वारा कार्य दोबारा शुरू किये जाने के का आश्वासन दिया गया। मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित व वरिष्ठ सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में मोहन सेतु का दौरा किया गया जहाँ मौके पर निर्माण कार्य चालू हालात में मिला। उसके बाद आश्रय महाविद्यालय के छात्रसंघ भवन में बैठक करके निर्माण कार्य चालू होने पर संघर्ष समिति व समाजवादी पार्टी के नेताओ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कल से होने वाले विशाल धरना प्रदर्शन व आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

Mohan Setu Nirman Samiti

Mohan Setu Nirman Samiti

इस सम्बन्ध में Gorakhpur Final Report से फ़ोन पर बात करते हुए मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित ने कार्य शुरू होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संघर्ष समिति व समाजवादी पार्टी द्वारा कल होने वाले विशाल धरने को स्थगित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि सेतु का कार्य किसी स्थिति में अवरुद्ध नही होना चाहिए। सेतु के पूर्ण निर्माण व आवागमन प्रारंभ होने तक उनकी और उनकी पूरी टीम का संघर्ष व आंदोलन जारी रहेगा

बता दें कि मोहन सेतु के निर्माण से बरहज से बनारस, बलिया व आजमगढ़ की दूरी काफी कम हो जाएगी। मोहन सेतु के निर्माण में कुल 95 करोड़ 57 लाख 38 हजार रुपये खर्च होने हैं। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य ब्रिज कारपोरेशन की हिस्से में 73 करोड़ 28 लाख 9 हजार तो वहीँ लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को 22 करोड़ 29 लाख 29 हजार रुपये मिलने हैं। पुल निर्माण के लिए अभी तक 51 करोड़ 26 लाख 24 हजार रुपये निर्गत किये जा चुके हैं।

मोहन सेतु के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का समय निर्धारित है।

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