April 18, 2018
टॉप न्यूज़

हाल ए नगर निगम: हर वर्ष लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जी का जंजाल हैं आवारा पशु

गोरखपुर: शहर की शायद ही कोई ऐसी सड़क या गली होगी जहां सड़क पर छुट्टा पशु  दिखाई न दें। शहर वालों के लिए छुट्टा पशु जी के जंजाल बन गये है। दिन से ज्यादा रात में यह सड़कों पर आपस लड़ाई करते नजर आ जाते है। अक्सर इनकी लड़ाई में नुकसान राहगीरों का होता है।

अनुमान के मुताबिक पूरे शहर में तकरीबन चार हजार छुट्टा पशु हैं,जिनमें सांड़ों की संख्या तकरीबन आठ सौ है। लेकिन सड़कों पर घूम रहे पशुओं को देखकर अभियान की हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर निगम ने 5 सितंबर 2017 से अब तक कुल 675 पशुओं अभियान चलाकर कर पकड़ा गया है। जिसमें 564 को नगर निगम क्षेत्र के बाहर छोड़ा गया और 87 को मधवलिया गो-सदन में भेजा गया।

पिछले दो वर्षों में सांड़ के हमले में कई मौतें होने के बाद भी नगर निगम प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। निगम के पास पशुओं को पकड़ने के लिए कैचिंग दस्ता है। जिस पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। गोलघर, सिनेमा रोड, बैंक रोड, मोहद्दीपुर, सिविल लाइन, राप्तीनगर, सूर्य विहार, सूरजकुंड, तिवारीपुर, जाफरा बाजार, मियां बाजार, साहबगंज, महेवा मंडी, रुस्तमपुर समेत तमाम मोहल्लों में सड़क पर सांड़ एक साथ खड़े रहते हैं।

शहर में आए दिन कोई न कोई सांड़ के हमले का शिकार हो जाता है। विगत जून में सिधारीपुर मोहल्ले में सांड़ ने रिटायर्ड रेलकर्मी को पटक दिया था,जिनका इलाज के दौरान मौत हो गई थी। हादसे होने के बाद भी नगर निगम सबक सीखने को तैयार नहीं है।

पिछले दो वर्ष में सांड़ के हमले की घटना:-

10 फरवरी 17- दीवान बाजार में सांड़ के हमले में युवक का हाथ टूटा।
15 अप्रैल – महेवा मंडी में सांड़ के हमले में मजदूर बुरी तरह घायल।
8 जून- कचहरी के पास सांड़ के हमले में अधिवक्ता जख्मी।
10 जून- नार्मल टैक्सी स्टैंड के पास सांड़ के हमले में राहगीर घायल।
12 जून- सिधारीपुर में तरावीह की नमाज पढ़कर वापस लौट रहे बुजुर्ग हफीजुल्लाह को सांड़ ने पटका, इलाज के दौरान मौत।
20 जनवरी 2016- निजामपुर में एक व्यक्ति की सांड़ के हमले से मौत।
26 जनवरी- सांड़ के हमले से घंटाघर में बाइक सवार युवक घायल।
28 जनवरी- गीता प्रेस रोड पर सांड़ के हमले में घायल व्यक्ति की मौत।
1 फरवरी- नरसिंहपुर में एक डॉक्टर की छत पर गाय चढ़ी।
2 फरवरी- धर्मशाला बाजार में सांड़ के हमले में व्यापारी जख्मी।
10 फरवरी- शेषपुर में डॉक्टर और आर्यनगर में महिला जख्मी।
21 फरवरी- सिधारीपुर में सांड़ के हमले में बुजुर्ग रफीउद्दीन अंसारी जख्मी।
22 मार्च- तिवारीपुर में रिक्शा को सांड़ ने पटका दो छात्राएं जख्मी।

हालांकि फर्टिलाइजर स्थित कांजी हाउस में पिछले एक माह में 22 पशु भेजें गये है। नगर निगम पशुओं को पकड़कर वहां रखता है। वहां की क्षमता पचास पशुओं के रखने की है। लेकिन सुविधाओं के अभाव में 30 से ज्यादा पशुओं को नहीं रखा जा सकता है।इसके बाद से नगर निगम छुट्टा पशुओं को पकड़कर निचलौल के मधवलिया गो-सदन में भी भेज रहा है।

नगर निगम ने विगत महीने मं 87 पशुओं को वहां भेजा है। विगत महीनों गो-सदन प्रबंधन ने जगह कम होने का हवाला देकर पशुओं को रखने से मना कर दिया। लेकिन अब पशुओं को रख रहा है। यहां पर 500 पशुओं की रखना की व्यवस्था है।

इस सम्बंध में सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि शहर में छुट्टा पशुओं की संख्या बताना संभव नहीं है। क्योंकि अभी तक छुट्टा पशुओं का  सर्वे नही हुआ है। हम लोग समय-समय पर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं पकड़कर उनकों कांजी हाउस या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देते है।

जबकि मुख्य अभियन्ता सुरेश चन्द्र ने बताया कि जल्द ही छुट्टा पशुओं को रखने की व्यवस्था हो जायेगी। आश्रय योजना के तहत 9 एकड़ में महेवा की पीछे छुट्टा पशुओं की रहने की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। स्वीकृत मिलते ही कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। यह 9 करोड़ 5 लाख की लगात से बनेगा। यहां पर 200 पशुओं की रखने की व्यवस्था रहेगी। यहां पर ट्यूबवेल, कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था,पशुओं के लिए चिकित्सालय,बायो गैस प्लांट आदि की व्यवस्था की जायेगी।

Related Posts

हाल ए नगर निगम: हर वर्ष लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जी का जंजाल हैं आवारा पशु