April 18, 2018
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प्रदेश के तीन अन्य शहर स्मार्ट सिटी में हुए शामिल, कब आएगा गोरखपुर का नंबर

गोरखपुर: केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में स्मार्ट सिटी चुनौती के चौथे चरण के विजेता नौ शहरों के नामों की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही स्मार्ट बनने वाले शहरों की संख्या 99 पहुंच गई है।

नई लिस्ट में उत्तर प्रदेश के तीन शहर–बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर– को शामिल किया गया है। इसके अलावा दादर नगर हवेली का सिलवासा, तमिलनाडु का इरोड, दमन दीव का दीव, बिहार का बिहार शरीफ, अरुणाचल प्रदेश का ईंटानगर, लक्षद्वीप का कावरत्ती का चयन स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए किया गया है।

सरकार की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, समारोह में पुरी ने मीडिया से कहा, ‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि विजेता शहरों ने अपने स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों की गुणवत्ता में 19 फीसदी (औसत) चयन की पात्रता के लिए सुधार किया।’

अंतिम चरण में 10 स्मार्ट शहरों के लिए यूपी ने गाजियाबाद, रामपुर, रायबरेली, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद व सहारनपुर के नाम भेजे गए थे। सरकार को उम्मीद थी कि यूपी के छह से सात शहर चुन लिए जाएंगे। लेकिन स्मार्ट सिटी मिशन के कंपटीशन में यूपी के शहर पिछड़ गए। केवल तीन शहर बरेली, मुरादाबाद व सहारनपुर ही इसमें आ सके। अंतिम राउंड में गाजियाबाद, मेरठ, रायबरेली व रामपुर बाहर हो गए।

स्मार्ट सिटी मिशन में निर्धारित कुल 13 शहरों में से केवल 10 को जगह मिली है। इस तरह उत्तर प्रदेश की झोली से तीन स्मार्ट सिटी छिन गये हैं। जिन शहरों ने प्रस्ताव भेजकर अपना दावा ठोंका था, प्रतिस्पर्धा में कमजोर पाये जाने पर उन्हें खारिज कर दिया गया। हालांकि फाइनल प्रतिस्पर्धा के बाद स्मार्ट शहरों की सूची में राज्य के बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर को जगह मिल गई है।

लेकिन गाजियाबाद, रामपुर, रायबरेली और मेरठ को मुंह की खानी पड़ी है। राज्य सरकार ने इस शहरों को शामिल कराने का प्रस्ताव भेज रखा था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिस्पर्धा में ये प्रस्ताव मानक के अनुरूप नहीं पाये गये। मेरठ और रायबरेली में से किसी एक का नाम पहले ही शामिल हो सकता था, मगर दोनों शहरी निकायों के बीच परस्पर हुई बंदरबांट में बाजी कोई और मार ले गया।

बाद में अंतिम सूची में भी दोनों शहरों में से किसी को स्थान नहीं मिल पाया है। निर्धारित मानक के हिसाब से दोनों शहरों को समान अंक मिलने की वजह से राज्य सरकार ने दोनों का एक नाम पहली सूची में शामिल करने के लिए भेज दिया था, जिसके लिये कहा गया कि किसी एक शहर का नाम प्रस्तावित किया जाए।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच और शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल कराने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने अंत तक कोशिश की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू को पत्र भी लिखा था। बाद में मुख्यमंत्री ने वेंकैया नायडू से मुलाकात कर मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर व रामपुर को भी स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल करने की मांग की थी।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक को किफायती घर, आधारभूत सुविधा, 24 घंटे पानी एवं विद्युत आपूर्ति, शिक्षा के पर्याप्त विकल्प, सुरक्षा की आधुनिक सुविधा, मनोरंजन और खेलकूद के साधन सहित अच्छे अस्पताल के अलावा आसपास के क्षेत्रों से हाईस्पीड कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित शहरों के संख्या अब बढ़कर 99 हो गयी है। इस स्कीम के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रत्येक चयनित शहर में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये देगी।

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