April 18, 2018
उत्तर प्रदेश

ओपी सिंह ने संभाला डीजीपी का पदभार, बोले पुलिस की समस्या व अपराध पर अंकुश लगाना पहली प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश पुलिस ओपी सिंह ने संभाला डीजीपी का पदभार

लखनऊ: ओम प्रकाश सिंह ने मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि यूपी में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्रवार रणनीति बनाकर काम करेंगे।

ओपी सिंह ने बताया कि उस तरीके के आधार पर ही अपराधियों का काम तमाम करने के लिए फार्मूला तैयार किया जाएगा। उनका कहना है कि अभी पुलिस की समस्या व अपराध पर लगाम लगाना प्राथमिकता में है। उन्हें पूरे प्रदेश के अपराध के बारे में जानकारी है। अपराध को देखकर ही अपराधियों के खिलाफ मुहिम चलाई जाएगी।

बता दें कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में पिछले साल19 सितंबर 2016 को महत्वपूर्ण  औद्योगिक और परमाणु प्रतिष्ठानों, नागरिक हवाई अड्डों और मेट्रो की रक्षा करने वाले आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह ने प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक के रूप में पदभार संभाला। ओपी सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 1983 बैच अधिकारी हैं, जो राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक के रूप में सेवा कर रहे थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2020 तक है।

वीरता के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सजाया जाने वाले वर्तमान में एकमात्र डीजी रैंक के अधिकारी, ओपी सिंह को एनडीआरएफ में कुछ बेहतरीन मानक संचालन प्रक्रियाओं की शुरुआत करने के लिए श्रेय दिया गया है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रहे हैं और और आपदा प्रबंधन में एमबीए की डिग्री उन्हें प्राप्त है।

बिहार के गया में 2 जनवरी 1960 को जन्मे ओपी सिंह राजनीतिक विज्ञान से परास्नातक करने के बाद 1983 में आईपीएस के लिए चुने गए थे।1985 में पहली तैनाती पीटीसी मुरादाबाद में एएसपी अंडर ट्रेनी के रूप में हुई थी। 1993 में वीरता पदक मिला था। उन्हें 1999 और 2007 में राष्ट्रपति की ओर से पुलिस पदक से सम्मानित किए जा चुका है।

ओपी सिंह डीजी सीआईएसएफ के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे थे। ओपी सिंह सीनीयरटी में सबसे लंबे कार्यकाल वाले 7वें नंबर के अफसर हैं। उनके पास लंबा कार्यकाल और अनुभव बना है।ओपी सिंह के पास काम करने के लिए ढ़ाई साल का लंबा वक्त है।

गौरतलब है कि योगी सरकार एक ऐसे अफसर की तलाश कर रही थी जिसके पास आगामी लोकसभा चुनाव कराने तक का लंबा वक्त हो। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराध के ग्राफ को कम करना उनका उद्देश्य है।प्लानिंग में पुलिसकर्मियों की समस्याओं को भी वरीयता दी जाएगी।

डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों की कमी को पूरा करने को पहले से पूरा मसौदा तैयार किया है।डीजीपी ने कहा कि पहली ही खेप में पांच हजार दारोगा की सीधी भर्ती होगी, जबकि आठ हजार हेड कांस्टेबल दारोगा बनेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में 2300 दारोगा प्रमोट कर उनको इंस्पेक्टर बनाया जाएगा।

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