April 18, 2018
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कूड़ेदान में कूड़ा प्रबंधन का दावा हवाई, अभी भी सभी वार्डों में शुरू ना हो सका डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन

गोरखपुर: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम अभी अधूरा है। निगम के 70 वार्डों में अभी भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम पूरी तरह से शुरू नहीं हो सका है। शहर से रोजाना करीब 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इतना सब होने के बीच तैयारियां है कि स्वच्छता सर्वे में गोरखपुर शहर को अच्छा मुकाम दिलाया जाए। इसके लिए नगर निगम के मजबूत दावे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

गोरखपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट अभी तक वजूद में नहीं आ सका है। ठोस कूड़ा प्रबंधन को लेकर अब नए सिरे से टेंडर निकाला जाना है। यही हाल रहा तो कूड़े के निस्तारण के बदले गोरखपुर नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में फिसड्डी ही साबित होगा। फरवरी माह में प्रथम सप्ताह में कभी भी यहां केंद्रीय टीम आकर सर्वे कर सकती है।डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी सभी 70 वार्डों में अभी प्रारंभ नहीं हो पाया है।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलग-अलग बिंदुओं के लिए 12सौ नंबर निर्धारित है।इसमें अच्छा नंबर पाने के बाद ही गोरखपुर को अच्छी रैंक मिलेगी।नगर निगम ने वर्ष 2009 में ठोस कूड़ा प्रबंधन की योजना शुरू की थी।तब कूड़े से जैविक खाद बनाने का प्लांट लगाया जाना था। इसके लिए हैदराबाद की एक कंपनी एपीआर के साथ करार हुआ था।

नगर निगम ने कंपनी को महेसरा में जो भूमि उपलब्ध कराई थी। वहां गड्ढा था, कंपनी और नगर निगम के साथ विवाद यहीं से शुरू हुआ। निगम ने कंपनी को निर्देश दिए थे कि मिटटी भराई वे करा दें, भुगतान निगम कर देगा। कंपनी ने मिट्टी भरा कर जब बिल पेश किया तो उसने घपले की बू आने पर नगर निगम ने मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय से मिट्टी भराई की जांच कराई।

इसके बाद गबन की बात पुष्ट हो गई ।इस बारे में कंपनी के खिलाफ चिलुआताल थाने में मुकदमा भी निगम की तरफ से दर्ज कराया गया। इस प्रकरण के सामने आने के बाद प्रमुख सचिव शहरी विकास ने कार्यदाई कंपनी को डिबार कर दिया था।

नगर निगम के 70 वार्ड में प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है और यह शादी विवाह के समय बढ़कर 650 मीट्रिक टन हो जाता है। कूड़ा प्रबंधन की नई योजना में बिजली बनाने का प्लांट भी महेशरा स्थिति भूमि पर लगना है। इससे करीब 4 मेगा वाट बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा। ठोस कूड़ा प्रबंधन से जुड़ी कंपनी अब बिजली का भी उत्पादन करेगी, जिससे कूड़े का मल्टीपल प्रयोग हो सकेगा।

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