April 18, 2018
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गोरखपुर RTO का कारनामा: दो दोपहिया वाहनों को एलाट कर दिया एक ही नम्बर

गोरखपुर RTO का कारनामा

गोरखपुर: वसूली के मामले में गोरखपुर RTO विभाग का कोई सानी नही है। किंतु इस वसूली के चलते अगर किसी को बेवजह महीनों दौड़ना पड़े तो यह चीज नागवार गुजरने वाली है। उस पर भी जब मामला विभागीय कर्मचारियों के संज्ञान में हो और उसे गम्भीरता से न लेकर व्यस्तता और कर्मचारियों की कमी बताना और भी बुरी बात है।शायद यही वजह है कि बीते वर्ष 2017 का वाहन ट्रांसफर का मामला अभी 2018 में भी अधर में फंसा हुआ है।

हुआ यूं कि थाना तिवारीपुर क्षेत्र के निवासी फखरुज्जमा अब्बासी ने अपनी हीरो होंडा प्लस मोटरसाइकिल नम्बर यूपी 53 वाई 8489 को चौरी चौरा थानाक्षेत्र के भाष्कर द्विवेदी को सेल लेटर की सभी औपचारिकता पूर्ण कर बेच दिया।भाष्कर जब गाड़ी हस्तांतरण कर लिए कागजात लेकर आरटीओ पहुंचे तो सम्बन्धित डीलिंग बाबू ने उन्हें महीनों दौड़ाया।

Gorakhpur RTO same number bike

Gorakhpur RTO same number bike

तब जाकर सम्बन्धित वाहन का आवंटन नम्बर कम्प्यूटर में चेक किया तो पाया कि उक्त वाहन का नम्बर पिपराइच थानाक्षेत्र के चिउराडीह निवासी रामु कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद के नाम आवंटित है। जिसका चेसिस नम्बर md625 fh 5551 f44096 व इंजन नम्बर of5f51169101 है और पंजीयन तिथि 27.1.20 15 है।इसकी जानकारी पाकर भाष्कर और बाबू दोनों हैरान रह गए। थकहार कर उसने भाष्कर को रामू के घर भेजकर चेसिस, इंजन नम्बर पता कराया तो दोनों अलग अलग पाए गए।इससे भी विभाग सन्तुष्ट नही हुआ तो काफी दौड़ाने के बाद इसी वर्ष बीते 3 जनवरी को रामू कुमार को नोटिस पत्र (पत्रांक सं0-899/एम/सी0/नोटिस 03.01. 2018) भेजकर वाहन
से सम्बन्धित कागजात लेकर स्पष्टीकरण देने के लिए 20 जनवरी को आरटीओ/प्रशासन के समक्ष उपस्थित होने को बुलाया।

विभाग का नोटिस पत्र पाकर घबड़ाते हुए रामू कुमार पिपराइच से 17 जनवरी को आरटीओ विभाग पहुंचकर बेचन बाबू से मिलकर अपना कागजात उनके समक्ष प्रस्तुत किया तो पता चला कि रामू कुमार का दुपहिया वाहन टीवीएस है और उसकी पंजीकरण तिथि 27 जनवरी 2015 दर्ज है। इसी क्रम में जब भास्कर द्विवेदी के पंजीकरण कागजात की जांच की गयी तो उसमें पंजीकरण की तिथि 25 जनवरी 2015 और वाहन के रूप में हीरो होण्डा स्प्लेण्डर प्लस मोटर साइकिल व वाहन का चेसिस न0 05g16f 01134 व इंजन नं0-05f15e 00558 दर्ज है। लेकिन दोनो मोटर साइकिल पर एक ही वाहन नम्बर- UP53 Y8489 दर्ज है।

Gorakhpur RTO same number bike

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यह विभाग के लिए कोई हैरत की बात नहीं है क्योंकि आरटीओ में अवैध पैसा कमाने के चक्कर में इस तरह का खेल काफी पुराना है। जिस पर अभी तक नकेल नहीं कसा जा सका है। आरटीओ विभाग के बाबू ने एक नम्बर से सड़क पर फर्राटे से दौड़ रहे वाहनों के पंजीकरण रजिस्टर की खोजबीन कराकर रामू कुमार के टीवीएस मोटर साइकिल नंबर को निरस्त कर भास्कर के नाम आवंटित करने का कदम उठाते हुए कहा कि एक नम्बर दो वाहन को आवंटित होना पूरी तरह से गलत है। इसमें लिपिकीय गड़बड़ी हुई है।

जबकि इसी विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आरटीओ विभाग में दो वाहनों का पंजीकरण शुल्क लेकर अलग-अलग वाहन नम्बर न आवंटित कर एक ही वाहन नम्बर दोनों वाहनों को आवंटित कर दिये जाने का खेल आज भी जारी है।

वैसे भास्कर इस तरह की गड़बड़ी से पूरी तरह तनाव की स्थिति में है। विभाग की लापरवाहीके चलते आरटीओ का कई महीनों से चक्कर लगाने का खामियाजा उसे अनावश्यक रूप से भुगतना पड़ रहा है।

इस सम्बन्ध में आरटीओ विभाग के वाहन पंजीकरण बाबू बेचन का कहना है कि कर्मचारी की कमी के कारण सम्बन्धित वाहन पंजीकरण रजिस्टर खोजबीन कराने में विलम्ब हो रहा है। रजिस्टर मिलते ही गलत तरीके से रामू कुमार के मोटर साइकिल का आवंटित वाहन नम्बर तत्काल निरस्त करने की कार्रवाई कर सही वाहन धारक को पहले आवंटित वाहन नम्बर को क्लीन चिट प्रदान कर दी जायेगी।

वहीँ इस सम्बन्ध में संभागीय अधिकारी एम अन्सारी का कहना है कि मामला गम्भीर है। इसकी गहन जाँच कराकर दोषी कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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