April 18, 2018
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बजट 2018: प्रमुख बातें

बजट 2018

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को लोकसभा में वित्त वर्ष बजट 2018-19 का आम बजट पेश किया।

बजट की प्रमुख बातें :

-भारत 2500 करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था है और यह जल्द ही आठ फीसदी की विकास दर हासिल करने के मार्ग पर अग्रसर है।
– कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, इन्फ्रा और वरिष्ठ नागरिकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
– वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी छमाही में विकास दर 7.2 से 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद।
– अधिक पारदर्शी तरीके से प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन कर रहे हैं।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई मूलभूत संरचनात्मक सुधार लागू किए हैं।
-बजट में 50 करोड़ लोगों को 5 लाख कैशलेश मेडिकल सुविधा
-वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वर्ष 2022 तक देश के हरेक गरीब के पास अपना घर होगा।
-वित्तमंत्री ने कहा कि खेती का बाजार मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
-वित्तमंत्री जेटली किसानों के लिए कर्ज की राशि 11 लाख करोड़ करने की घोषणा की है।
-कृषि सिंचाई योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।
-सरकारी कंपनियों के शेयर बेजकर 80000 करोड़ जुटाएगी सरकार
-2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्‍य
-24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पताल खोले जाएंगे
-रेलवे के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
– नवोदय विद्यालय की तर्ज पर अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एकलव्य विद्यालय खुलेंगे
– बीटेक विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री रिसर्च फेलो योजना
– टीबी रोगियों को पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह देगी सरकार
– आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल योजना’ में पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष की हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा
– 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पताल
– प्रधानमंत्री जन-धन योजना का विस्तार होगा
– सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 1.26 करोड़ खाते खुले
– समावेशी समाज के सपने के लिए 115 जिले चिन्हित
– प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत 12 रुपये सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये के बीमा को 13.25 करोड़ लोगों ने अपनाया
– अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 39,135 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के लिए 56,619 करोड़ रुपये का प्रावधान
– प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत 330 रुपये सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये बीमा योजना को 5.22 करोड़ लोगों ने अपनाया
– मुद्रा योजना के तहत तीन लाख करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य
– नगर नियोजन एवं वास्तुशिल्प के दो नए विद्यालय खोले जाएंगे. 18 नए आईआईटी और एनआईआईटी भी
– 10 पर्यटन स्थलों को प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
– स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 99 शहरों का चुनाव कर लिया गया, जिसमें 2.04 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम होगा
– वित्त वर्ष 2018-19 में 9,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा
– 10 पर्यटन स्थलों को प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
– स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 99 शहरों का चुनाव कर लिया गया, जिसमें 2.04 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम होगा
– वित्त वर्ष 2018-19 में 9,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा
– स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का बजट 2018-19 के लिए बढ़ाकर 1.38 करोड़ रुपये किया गया जो 2017-18 में 1.22 लाख करोड़ रुपये था
– उड़ान योजना ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा का मौका दिया: वित्त मंत्री जेटली
– विमानपत्तन प्राधिकरण के तहत वर्तमान में 124 हवाईअड्डे हैं। देश के हवाईअड्डों की यात्री वहन क्षमता को पांच गुना बढ़ाया जाएगा
– स्टाम्प ड्यूटी कानून में संशोधन पर विचार होगा: वित्त मंत्री जेटली
– जिला अस्पतालों की सुविधाओं का उन्नयन करके 24 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाए जाएंगे
– एक लाख ग्राम पंचायतें हाईस्पीड ब्राडबैंड से जुड़ीं
– 5 लाख वाई-फाई हाटस्पाट स्थापित करने की योजना। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन
– चारों सरकारी बीमा कंपनियां एक होंगी
– सरकार 80000 करोड़ के शेयर बेचेगी
– सरकार गोल्‍ड पॉलिसी बनाए
– कंपनियों का भी आधार जैसा एक नंबर होगा
– हर उद्योग के लिए अब अलग आईडी
– बिटक्‍वाइन जैसी करेंसी देश में नहीं चलेगी
– वर्ष 2018-19 के लिए 80,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य; 2017-18 में विनिवेश से एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त होना का अनुमान, जो तय लक्ष्य से अधिक है
– राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, राज्यपालों की परिलब्धियां बढ़ाकर क्रमश: पांच लाख, चार लाख और साढ़े तीन लाख रुपये प्रतिमाह की गईं
– सांसदों के वेतन, भत्ते तय करने के नियमों में बदलाव होगा, मुद्रास्फीति से जुड़ेगे, हर पांच साल में स्वत: संशोधन का नियम बनेगा
– बापू के 150वीं जयंती कार्यक्रमों के लिए 150 करोड़ रुपये
– वित्त वर्ष 2017-18 में राजकोषीय घाटा 3.2% से बढ़कर देश के सकल घरेलू उत्पाद का 3.5% हो गया. वित्त वर्ष 2018-19 में इसे 3.3% रखने का लक्ष्य.
– इनकम टैक्‍स दरों में कोई बदलाव नहीं, छूट की सीमा पहले की तरह ढाई लाख रुपये
– 15 जनवरी, 2018 तक प्रत्यक्ष कर संग्रहण में 18.7 प्रतिशत की वृद्धि
– 8.2 करोड़ लोगों ने डायरेक्‍ट टैक्‍स दिया
– वित्तीय घाटा कम हुआ, इस साल 5.95 करोड़ रहा
– इस साल डायरेक्‍ट टैक्‍स 12.6 फीसदी बढ़ा
– आयकर दाताओं की संख्या 2014-15 में 6.47 करोड़ से बढ़कर 2016-17 में 8.27 करोड़ हो गई
– फुटवियर और चमड़ा उद्योग को नए रोजगार उपलब्ध कराने पर दी जाने वाली कर रियायत दी जाएगी
– वर्ष 2016-17 में वार्षिक 250 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कार्पोरेट कर घटाकर 25 प्रतिशत किया गया
– कंपनियों के लिए कर दर कम करने से 2018-19 में 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान
– वेतनभोगी करदाता को 40,000 रुपये की मानक कटौती का लाभ दिया जायेगा; व्यक्तिगत आयकर दायरे में कोई बदलाव नहीं
– 2.50 करोड़ वेतनभोगी व पेंशनभोगियों को मानक कटौती का लाभ मिलेगा
– वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर कर छूट मिलेगी, पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी
– प्रधानमंत्री वय वंदन योजना की अवधि 2020 तक बढ़ायी गई
– ट्रस्टों/संस्थानों द्वारा 10,000 रुपये से ज्यादा के नकद भुगतान पर रोक या कर देना होगा
– स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर अब कुल मिलाकर 4% लगेगा
– एक लाख रुपये से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर

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