April 17, 2018
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स्थापित होगा मेडिकल वेस्ट साल्यूशन प्लांट, जमीन की तलाश शुरू

स्थापित होगा मेडिकल वेस्ट साल्यूशन प्लांट

गोरखपुर: सीएम सिटी को साफ सुथरा बनाने के लिए शासन ने एक नयी पहल शुरू की है। शहर के अस्पतालों व नर्सिग होमों से निकलने वाला मेडिकल कचरा अब म्यूनिसिपल कचरे  के साथ नहीं मिलाये जा सकेंगे। अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने के लिए महानगर में मेडिकल वेस्ट साल्यूशन प्लांट के निस्तारण का प्लांट स्थापित किया जायेगा।

शासन ने इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों को लगभग 5 एकड़ जमीन तलाशने का निर्देश दिया है। जमीन चिह्नित  होने पर शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया जायेगा। निर्माणाधीन एम्स व गीडा के आस-पास जमीन की तलाश की जा रही है।

गौरतलब है कि महानगर में बीआरडी मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल के अलावा छोटे बड़े मिलाकर कुल 250 से 300 नर्सिग होम है। जिले के कई सरकारी अस्पतालों,नर्सिग होमों और पैथालॉजी सेंटरों ने मेडिकल कचरा के निस्तारण के लिए संतकबीरनगर स्थित एक फर्म से अनुबंध किया है। मेडिकल कालेज में बायो मेडिकल वेस्ट केनिस्तारण के लिए परिसर में ही उपाय किये है।

जबकि बायो मेडिकल वेस्ट अधिनियम के मुताबिक हर अस्पताल,नर्सिग होम,पैथालॉजी सेण्टर में बायोमेडिकल डिस्पोजेबल बैग रखना अनिवार्य है। पीले बैग में रोगी का कचरा, संक्रमित कचरा,प्रयोगशाला का कचरा,सनी हुई ड्रेसिंग को रखना होता है,लाल बैग में संक्रमित प्लास्टिक कचरा, कैथेटर,कैनुला,सिर्रिज,ट्यूब,आरबी बोतल, नीले बैग में ग्लाश का टूटा सामान, ट्रेट इंजेक्शन,एम्युल स्लाइड,कांच की सिर्रिज, निडिल,ब्लेड, धातु के धारदार एवं नुकीले समान और काला बैग में पेशाब,बलगम,संक्रमित द्रव्य,संक्रमित कचरा,ओटी के कपड़े,लेबर रूम के कपड़े को संग्रहीत किया जाता है।

हालांकि अभी तक महानगर में कई अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट संत कबीर नगर में निस्तारित होता है। लेकिन मेडिकल वेस्ट को चोरी छिपे सड़को पर फेंकने का मामला भी सामने आता रहता है। जिससे खुलेआम मेडिकल वेस्ट को फेंके जाने पर हैजा,कालरा,डेंगू,स्वाइल फ्लू,सांस संबंधी समेत कई अन्य बीमारियों के फैलनें का खतरा अधिक होता है।

इस संबंध में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शहर में खुलेआम मेडिकल वेस्ट फेंके जाने की समस्या बिल्कुल कम है। एकाध बार ही इस तरह की शिकायत आई है। उन्होनें बताया कि खुलेआम मेडिकल वेस्ट फेंके जाने पर संबंधित अस्पताल एवं नर्सिग होम पर प्रतिदिन 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

मेडिकल वेस्ट प्लांट के संबंध में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा़  मुकेश रस्तोगी ने बताया कि प्लांट के लिए जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है। निर्माणाधीन एम्स एवं गीडा के आस-पास 5 से 7 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन चिन्हित होते ही शासन को को प्रस्ताव भेज दिया जायेगा।

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