April 18, 2018
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अतिक्रमण की जद में महेवा मंडी, मंडी समिति ने अतिक्रमण हटाने की बनाई रणनीति

गोरखपुर महेवा मंडी समिति ने अतिक्रमण हटाने की बनाई रणनीति

गोरखपुर: जिले में अवैध अतिक्रमण से हर तबका परेशान है। कुछ ऐसा ही हाल अवैध अतिक्रमण से ग्रस्त गोरखपुर महेवा मंडी का है। जिससे मंडी सिकुड़ गई है।दुकानदारों में अपनी दुकानें तय सीमा से आगे तक बढ़ा ली है पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी में अतिक्रमण के चलते कारोबार प्रभावित हो रहा है। छः साल पहले मंडी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए तत्कालीन कमिश्नर की अगुवाई में अभियान चलाया गया था। लेकिन सफलता नहीं मिली अब एक बार फिर मंडी समिति ने पहल की है।

गोरखपुर में वर्ष 1992 में महेवा में नवीन मंडी का निर्माण हुआ था। इसके बाद मंडी प्रशासन ने साहबगंज मंडी से व्यापारियों को वहां शिफ्ट किया और दुकानें आवंटित की गई। मंडी में जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, वैसे-वैसे अतिक्रमण भी होता गया और मंडी छोटी होती गई। मंडी में फल-सब्जी, गल्ला और मछली का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है।

बता दें कि फल मंडी में 150 फल-सब्जी की दुकान है। 55 केला,167 गल्ला मंडी की दुकानें तथा 105 मछली की दुकानें स्थापित है। जहां माल वाहक वाहनों के अतिक्रमण के चलते व्यापारियों को काफी परेशानी होती है। अतिक्रमण की समस्या मंडी प्रशासन की कोशिशों के बाद भी दूर नहीं हो पा रही है। फल मंडी में स्थित सब्जी मंडी में सड़क की चौड़ाई लगभग 80 फिट है लेकिन अतिक्रमण के कारण 15 से 20 फीट के बीच सिमट कर रह गई है। इसके अलावा वाहन चालकों द्वारा भी माल पिकअप, ट्रक को सड़क पर गलत तरीके से खड़ा कर देने से भी व्यवस्था ख़राब होती है।

हालांकि मंडी प्रशासन द्वारा सब्जी मंडी में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कई बार बैरिकेटिंग की गई।लेकिन प्रशासन की योजना असफल रही। तब अतिक्रमण हटाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट व व्यापारियों के बीच एक बैठक कर अतिक्रमण हटाने की चर्चा की गई थी। इसके बाद अतिक्रमण नहीं हटा तो मंडी प्रशासन ने दुकान में अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापारियों को नोटिस जारी कर दिया। लेकिन तब भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया।उसके बाद मंडी प्रशासन ने सर्वे कराकर फल सब्जी, गल्ला और मछली की करीब 140 दुकानों पर अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर लाल निशान लगाया तो व्यापारी विरोध पर उतर आए।

अब मंडी समिति ने अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मदद मांगी है। इस संबंध में मंडी के सचिव शर्मा का कहना है कि नवीन मंडी में अतिक्रमण हटाने की कोशिश की जा रही है दुकानों पर अवैध अतिक्रमण पर लाल निशान लगाकर चिन्हित कर लिया गया है ।साथ ही चिन्हित 140 दुकानों को नोटिस भी जारी कर दी गई है ।प्रशासन व व्यापारियों के बीच हुई बैठक में अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। लेकिन व्यापारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। मंडी समिति ने कोशिश की तो व्यापारी विरोध पर उतर आए,जिसे देखते हुए अब जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मदद मांगी गई है।

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