April 18, 2018
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NER के हिस्से में आया 2700 करोड़ रुपये का बजट, ठप्प पड़ी योजनाओं को लगेंगे पंख

NER के हिस्से में आया 2700 करोड़

गोरखपुर: केंद्रीय बजट 2018 घोषित होने के बाद NER के हिस्से में आये 2700 करोड़ का बजट आवंटित होने से यहां की कई परियोजनाओं को पंख लगेंगे, साथ ही यात्री सुविधाओं में भी काफी इजाफा होगा। इस बार के बजट में विद्युती करण के लिए 834 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इससे एनईआर में बाकी बचे रेल रूटों पर विद्युतीकरण का शुरू हो सकेगा।साथ ही वाराणसी मण्डल में एक इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण इरकान करेगा।

बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बुधवार को एक पत्रकार वार्ता में पहले भारतीय रेल के बजट के बारे में बताते हुए कहा कि कैपिसिटी एक्सपेंशन के लिए 2018-19 में रुपया 148528 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जो वर्ष 2013-14 के रुपया 53989 करोड़ के मुकाबले तीन गुना है। इसमें 600 स्टेशनों को रेलवे स्टेशन विकास कम्पनी द्वारा पुनर्विकसित किया जाएगा।

ऐसे सभी स्टेशन जहां यात्रियों का फुटफॉल 25 हजार के ऊपर है, एस्केलेटर लगाए जाएंगे।एन ई आर में ऐसे 34 स्टेशन हैं। धीरे धीरे सभी स्टेशनों और गाड़ियों में सूचना और मनोरंजन हेतु वाई फाई सुविधा प्रदान की जाएगी। सभी स्टेशनों और गाड़ियों में सुरक्षा हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। व्यस्त रूटों अनारक्षित समपार फाटकों को समाप्त करना, अधिक संरक्षा युक्त एच एल बी यानो के निर्माण के अतिरिक्त इस बार ट्रैक रिनुअल पर अब तक सर्वाधिक आउट-ले रखा गया है।

इस वर्ष 3600 रुट किमी ट्रैक को रिनुअल किया जाएगा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 8.3 प्रतिशत अधिक है। 2017-18 में 4000 किमी रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य था,जो 2018-19में6000 किमी हो गया है। भारतीय रेल में शेष 4267 यूएमएलसी(मानव रहित क्रासिंग) को अगले दो वर्षों में समाप्त किया जाएगा। जबकि पुउरे में सभी पर गेटमित्र रखे जा चुके हैं। आरसीएफ चेन्नई में 160 किमी प्रति घण्टा क्षमता वाले ट्रेन सेट बनाये जा रहे हैं,पहली गाड़ी देश के किसी भी रुट पर जून 2018 में चलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस बजट में पूर्वोत्तर रेलवे को 2700 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ है। सेफ्टी के मद में 799 करोड़ मिलने से रेल संचलन और अधिक सुरक्षित होगा। इसमें नए पुल, अण्डरपास, पुरानी हो चुकी लाइनों को बदलना और समपार फाटकों पर चौकीदार रखना या बंद करना शामिल है। गोरखपुर-गोण्डा वाया आनन्दनगर रेल रूट पर भी विद्युतीकरण को मंजूरी मिल गई है। इससे ट्रेनों की स्पीड तो बढ़ेगी ही साथ ही और अधिक ट्रेनों का संचलन भी सकेगा। इस रूट पर 202.94 करोड़ की लागत से 261.61 किलोमीटर लम्बी लाइन का विद्युतीकरण होगा।

श्री अग्रवाल ने बताया कि 834 करोड़ रुपये की लागत से पूर्वोत्तर रेलवे की 993 किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ वर्षों में एनई रेलवे के 34 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्वचलित सीढ़ियां और लिफ्ट लगाए जाएंगे। यात्री सुविधाओं के नाम पर 132 करोड़, आरओबी और आरयूबी के लिए 235 करोड़ रेल पथ बदलाव के लिए 335 करोड़, सिग्नल सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 60 करोड़ रुपये और आमान परिवर्तन व दोहरीकरण के लिए 676 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसी क्रम में उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्री सुविधा के अंतर्गत दो बड़े कार्य स्वीकृत हुए हैं।इनमे पहला लगभग 125 करोड़ की लागत से भारतीय रेल के स्टेशनों पर सुधार के कार्यो हेतु स्वीकृत है।इसमें इस वर्ष के लिए 4 करोड़ रुपये का आउट ले है।इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के 9 स्टेशन यथा:-बेल्थरा रोड, सुरेमनपुर, पिपराइच, करीमुद्दीनपुर, चितबड़ा गावं, भटनी, महमूदाबाद अवध, लखीमपुर व करनैलगंज सम्मिलित हैं।

जिन्हें 21 करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित किया गया था।जबकि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा प्रस्तावित रुपया 188 करोड़ की लागत से 70 स्टेशनों पर 70 पैदल उपरिगामी पुल व 304 करोड़ की लागत से 156 स्टेशनों के प्लेटफार्मों का उच्चीकरण/विस्तारीकरण सम्मिलित है।

पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य परिचालन प्रबंधक रवि वल्लूरी, मुख्य यांत्रित अभियंता अजय सिंह, मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजाराम, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी संजय यादव और सचिव महाप्रबंधक धर्मेश खरे मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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