April 18, 2018
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बेलघाट-कम्हरिया घाट पुल के माध्यम से गोरखपुर जुड़ेगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से

कम्हरिया घाट पुल के माध्यम से गोरखपुर जुड़ेगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से

गोरखपुर: बहुप्रतीक्षित देश का सबसे लम्बा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गोरखपुर से बेलघाट-कम्हरिया घाट पुल के माध्यम से जुड़ेगा। इसके लिए गोरखपुर-जैतपुर-कम्हरिया घाट मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा और उससे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जायेगा।

बता दें कि चार धार्मिक शहरों वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या और गोरखपुर को जोड़ने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 मार्च को करेंगे। 19 मार्च को ही योगी सरकार का एक साल पूरा होगा और यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने शिलान्यास के लिए इसी दिन को चुना है।

यह एक्सप्रेसवे वाराणसी में एनएच 33 से और अयोध्या, इलाहाबाद और गोरखपुर में इसे लोकनिर्माण विभाग के लिंक मार्ग से जोड़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में मिलाया जाएगा। लखनऊ, गाजीपुर, बलिया, बनारस पूर्वान्चल एक्सप्रेसवे 353 किमी का है।

गौरतलब है कि सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी एयर स्ट्रिप बनाये जाने का निर्णय लिया है, जहां आपात स्थिति में विमानों की लैंडिंग हो सकेगी। यह एयर स्ट्रिप सुल्तानपुर जिले में कुडेभार में बनाई जाएगी।

जानकारी के अनुसार यूपीडा ने निर्माण शुरू करने को कंपनियों से आरएफक्यू मांगी हैं। एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए यूपीडा 9 जिलों में 85 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहीत कर चुकी है। यूपीडा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 90 प्रतिशत जमीन होने की स्थिति में ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे के लिए यूपीडा को 4335.67 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत करनी है।

अब तक कुल 3329.91 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। इसमें 438 हेक्टेअर जमीन का पुनर्ग्रहण होना है। एक्सप्रेस-वे के लिए 9 जिलों में जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए बैंकों के कंसोर्सियम से 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की प्रक्रिया यूपीडा ने शुरू कर दी है। 353 किलोमीटर लम्बी इस परियोजना पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री इसे रिकार्ड 24 महीनों की अवधि यानी 2020 तक निर्मित करना चाहते हैं।

लखनऊ से गाजीपुर के 353 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना की लागत करीब 25 हजार करोड़ रुपए आने का अनुमान है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा, जिसे बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई 110 मीटर से बढ़ा कर 120 मीटर कर दी गई है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को चार धार्मिक स्थलों वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या और गोरखपुर से जोड़ा जाएगा। वाराणसी में एनएच 33 से और अयोध्या, इलाहाबाद और गोरखपुर में इसे लोकनिर्माण विभाग के लिंक मार्ग से जोड़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में मिलाया जाएगा।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के बनने से लखनऊ और बलिया के बीच सफर में लगने वाला समय करीब 5 घंटे तक कम हो सकता है, वहीं इलाके के किसानों को अपनी उपज तेजी से मंडियों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत हासिल करने में मदद मिलेगी।

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