April 18, 2018
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VIDEO: मानबेला किसानों और पुलिस के बीच हुआ संघर्ष

मानबेला किसानों और पुलिस के बीच हुआ संघर्ष

गोरखपुर: जनपद के मानबेला के किसानों और जीडीए के बीच जमीन अधिग्रहण को लेकर विवाद आज फिर बढ़ गया है। आज फिर भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन मानबेला में अधिग्रहित भूमि को बाकी लोगो को कब्ज़ा दिलाने के लिए पहुंचा है। हर बार की तरह इस बार भी किसानों को जैसे ही जीडीए द्वारा फिर से कब्ज दिलवाने की सूचना मिली वैसे ही काफी संख्या में किसान मौके पर मौके पर पंहुच कर विरोध करना शुरू कर दिया।

पहले तो पुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की लेकिन किसान बिना उचित मुआवजा लिए बिना अपनी जमीनों को कब्जे देने को तैयार नही थे।लिहाजा हर बार की तरह किसानों और पुलिस में जोर आजमाइश शुरू। पुलिस वालों ने किसानों के ऊपर जमकर लाठी बरसाई ।उसके बाद किसी तरह से जीडीए प्रसाशन कुछ आवंटियों को कब्जा दिलवाने में कामयाब रही।

गोरखपुर के सैकड़ो मानबेला किसान आज सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती बन कर खड़े हो गए है। लगातर वो अपनी मांग को लेकर प्रशसन से लगाये सरकार तक अपनी आवाज पहुचाने का काम कर रहे है। लेकिन इनकी आवाज उन तक पहुच कर भी इन्हें अनदेखा कर दिया जा रहा है। आज इसी को लेकर ये एक बार फिर सडको पर उतर कर पुरे महानगर में एक विशाल रैली निकाल कर जिला अधिकारी कार्यलय का घेराव कर ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन उन्हें कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

पुलिस फ़ोर्स भारी संख्या में तैनात कर दिया गया।जिसके बाद ये टाउनहाल होते हुए नगर निगम में बैठ कर प्रदर्शन करने के बाद सम्बन्धित अधिकारी को ज्ञापन देकर अपना प्रदर्शन समाप्त किया। लेकिन प्रशासन और सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम भी दिया किया अगर एक हफ्ते के अंदर इनकी मांगे नहीं मानी गई तो ये आज से ठीक एक हफ्ते बाद यानी 17 फरवरी को जिला अधिकारी का घेराव कर उनके दरवाजे पर अपना बोरिया बिस्तर लेकर ये सारे मानबेला किसान अनिश्चित कालीन के लिए बैठ कर धरना देंगे। इनकी मांग अपने मुआबजे को लेकर है, इनके हिसाब से सर्किल रेट के हिसाब से हमे मुआब्जा दे दिया जाए, लेकिन ये महज 64 रूपये स्क्वायर फीट के हिसाब से दे रहे है। जिसका ये विरोध कर रहे है।

किसानों की अगुआई कर रहे मानबेला संघर्ष समिति के अगुवा और कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह ने कहा कि मानबेला के किसान पिछले कई महीनो से प्रदर्शन कर रहे है और अपनी मांग को सरकार और प्रशासन को जगाने की कोशिश कर रही है अब इन लोगो ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन को एक हफ्ते का समय दिया है, और उसके बाद अंजाम की सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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