April 18, 2018
महराजगंज

GFR EXCLUSIVE: गुडलक इंडिया कंपनी के जालसाजी में पूर्वांचल के निवेशकों का करोड़ों रुपया डूबा

GFR EXCLUSIVE: गुडलक इंडिया कंपनी

महराजगंज: योगी जी! ज़रा इधर भी नज़रें इनायत करिए। नहीं तो देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज सहित पूर्वांचल के आधा दर्जन जिलों के गरीब निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब जाएंगे। जिसका कारण कुशीनगर जिले की भगोड़ी गुडलक इंडिया म्यूचुअल बेनिफिट माइक्रो फाइनेंस कंपनी है। जो आधा दर्जन जनपदों में चार साल में रकम दूना करने के नाम पर जालसाजी कर गरीब, मजदूरों और किसानों के खून-पसीने की कमाई को लेकर फरार हो गई।

मामले में देवरिया में निवेशकों ने तहरीर दी है तो महराजगंज में कम्पनी के सीएमडी सहित नौ मैनेजरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। किंतु मामले की छानबीन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे पहले मामले का खुलासा महराजगंज में हुआ। जहां चार साल में धन दोगुना करने वाली गुडलक इंडिया बैकिंग कंपनी कुशीनगर और महराजगंज के उपभोक्ताओं के 6 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गई। कंपनी संचालकों ने निवेशकों को जो बांड सौंपा था वह भी फर्जी निकला। जांच में पता चला कि गुडलक इंडिया नाम की किसी कंपनी को बैंकिंग का लाइसेंस ही जारी नहीं हुआ है।

मामले में कोठीभार थानांतर्गत ग्रामसभा चैनपुर निवासी रविंद्र की तहरीर पर जिले की कोठीभार पुलिस ने 4 फरवरी को कंपनी सहित नौ लोगों के खिलाफ 419, 420, 467, 468, 471, 406, 504, 506 तथा 120-B के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया। सभी आरोपित कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के रहने वाले हैं। कंपनी के मैनेजरों ने गोरखपुर, चौरीचौरा, देवरिया, पडरौना, कुशीनगर, दुदही, महराजगंज, बेलवा घाट, सिसवा बाजार, निचलौल, अड्डा बाजार, तथा अम्बेडकर नगर सहित कई शहरों में अपना ज़ाल बिछा रखा था।

मुकदमा दर्ज होने के पश्चात शुरू हुआ मैनेज का खेल

विगत 21 नवम्बर 2017 को चैनपुर निवासी रविन्द्र चौधरी के 156(3) के तहत दाखिल प्रार्थना -पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज ने कोठीभार पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया था। 22 नवम्बर को न्यायालय का आदेश कोठीभार पुलिस के पास पहुंच भी गया। किंतु पुलिस ने अभियोग पंजीकृत करना मुनासिब नहीं समझा। और इसी बीच थाने में तैनात थानेदार और जालसाजों के बीच मैनेज का खेल शुरू हो गया। अंततः 4 फरवरी को मुकदमा दर्ज हुआ।

विवेचना पनियरा थाने में तैनाती के दौरान एक युवक की निर्ममता से पिटाई की वायरल वीडियो वाले दरोगा के एन शाही को मिला। इसके बाद पुलिस आरोपितों से मिली भगत कर पुलिस शिकायतकर्ता चैनपुर निवासी रविन्द्र चौधरी पर सुलह का दबाव बनाने लगी। सभी हथकंडे असफल होने पर कंपनी के एमडी राजेश पासवान ने रविन्द्र को जान से मारने की धमकी तक दी। किंतु मामले में पुलिस की सुस्ती और मैनेज का खेल मीडिया के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह तक पहुंचा।

और मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसपी ने मामले को मैनेज करने वाले दरोगा को हटाकर कोठीभार थाने में अरुण राय को थानेदार नियुक्त कर दिया। और विवेचना से के एन शाही को हटाकर थाने के ही एस आई दिनेश पांडेय को सौंप दिया। जिसके उपरांत 16 फरवरी से कच्छप गति से इस मामले की विवेचना शुरू हुई हो गई है।

यह हैं गुडलक के मास्टरमाइंड आरोपित जालसाज

कोठीभार थाने में चैनपुर निवासी रविन्द्र चौधरी ने चार फरवरी को गुडलक कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उसमें कंपनी संचालक कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक निवासी सीएमडी खजांची कुशवाहा, एमडी गोविंद कुशवाहा, बड़ेलाल गोंड, सतीश शर्मा, नूर मोहम्मद, राधेश्याम गिरी, रामानंद गुप्ता, राजेश पासवान सहित नौ लोगों को आरोपित बनाया गया है।

कुशीनगर के कप्तानगंज को बनाया था मुख्यालय

कुशीनगर जनपद निवासी कम्पनी का सीएमडी खजांची कुशवाहा ने अपने सभी एमडी के साथ मिलकर कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज में किसान चौक के पास कम्पनी का मुख्यालय बनाया था। जहां से जालसाज पूरे जनपद में अपना ज़ाल बिछाकर दुदही, नेबुआ नौरंगिया, अड्डा बाजार, रामकोला सहित तमाम कस्बों से गरीबों का करोड़ों रुपये बटोरकर फरार हो गई।

देवरिया में निवेशकों का 90 लाख रुपया लेकर कम्पनी हुई फरार

जालसाजों ने डेढ़ साल पहले देवरिया के रामपुर कारखाना में थाने से 50 मीटर की दूरी पर गुडलक इंडिया की शाखा खोली। यहां भी कम्पनी के सीएमडी खजांची कुशवाहा ने चार साल में धन दुगुना करने का लालच देकर निवेशकों से साप्ताहिक, मासिक के किश्तों में 90 लाख रुपया लेकर फरार हो गया। यहां कार्यालय पर अब ताला लटका हुआ है। निवेशकों ने रामपुर कारखाना थाने पर उक्त जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दिया। मगर यहां भी पुलिस मैनेज के खेल में जुट गई है। निवेशकों द्वारा कार्रवाई के बाबत पूछे जाने पर पुलिस का कहना है मामले की छानबीन चल रही है।

कंपनी की पैरवी में आया सत्ताधारी दल के सांसद का नाम

गुडलक इंडिया कम्पनी के पैरवी में प्रदेश के एक सत्ताधारी दल के सांसद की पैरवी की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि दो दिन पूर्व कम्पनी के भगोड़े जालसाजों ने लखनऊ में एक सत्ताधारी दल के सांसद से सांठ-गांठ कर महराजगंज में पुलिस पर दबाव बनवाया जा रहा है। जिसके चलते निवेशकों का पुलिस पर से भरोसा उठता चला जा रहा है।

एक जालसाज भागा सऊदी अरब

पुलिस सूत्रों की मानें तो मामले में नामजद आरोपियों में से नूर मोहम्मद नामक जालसाज सऊदी अरब फरार हो गया है। जबकि और और जालसाज दुबई भागने के फ़िराक में है। अगर ऐसे ही आरोपी देश छोड़कर भागते रहे और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही तो पूर्वांचल के गरीब किसानों का करोड़ों रुपए हमेशा के लिए डूब जाएंगे।

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