April 18, 2018
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बांसगांव क्षेत्र में सड़कों का बुरा हाल, मरम्मत होते ही उखड़ने लगी गिट्टियां

बांसगांव क्षेत्र में सड़कों का बुरा हाल

गोरखपुर: प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ग्रामीण सड़को को गढ्ढा मुक्त करने का चाहे जितना दावा कर लें। लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जनपद मे गढ्ढा मुक्त होने वाले दावों की हवा निकालने के लिए अभियंताओ व ठेकेदार की युगलबंदी काफी है। प्रदेश मे सत्ता का परिवर्तन जरूर हुआ, लेकिन विभागीय अधिकारियो व ठेकेदारों के कार्यों मे कोई परिवर्तन नही हुआ। जिसके कारण ग्रामीण सड़क बनते ही गिट्टियां विखरने लगी और सड़क अपने पुराने अस्तित्व की तरफ जाती दिख रहीं है।  बता दें कि  बांसगांव विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश ग्रामीण सड़कें जर्जर हालत मे हो गयीं थी। जिस पर चलना दूभर हो गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ी तेजी से ग्रामीण सड़को को गढ्ढा मुक्त किया जाने लगा, लेकिन गुणवत्ता न होने के कारण सड़क बनने के एक हफ्ते बाद ही सड़क से गिट्टियां उखड़ने लगी। जिससे मरम्मत के बाद भी सड़के अपने पुराने अस्तित्व पर आने को विवश होती जा रही है।

bansgaon in  gorakhpur

bansgaon in gorakhpur

ग्रामीण इसके लिए जनप्रतिनिधि को भी जिम्मेदार मानते हैं कि इनके द्वारा विकास कार्यो का समय समय पर निरीक्षण किया जाता तो आज इस पर अंकुश लगाया जा सकता है लेकिन जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने बैठे हुए हैं।

क्षेत्र की गगहा-सोनइचा मार्ग, भैंसहा-रकहट मार्ग,बांसगांव,  मझगांवा-सिहाइजपार मार्ग,ढरसी-बांऊपार मार्ग, तिलसर-बड़गों मार्ग आदि सड़क जहां मरम्मत के बाद सड़को पर गिट्टियां विखरी पडी है। जिसे आसानी से हाथ से इकट्ठा किया जा सकता है । गुणवत्ता की बात करें तो बनी सड़क की गिट्टी पैर की ठोकर से ही उखड़ जा रही है। वहीं मझगांवा-टिकरी मार्ग,राष्ट्रीय राजमार्ग से ढरसी मार्ग, रियांव-असवनपार मार्ग, गगहा-जीवकर मार्ग,टिकरी -ढरसी मार्ग सहित कई सड़को की मरम्मत भी नही हो सकी। आज भी वह गड्ढामुक्त होने वाली घोषणा की बाट जोह रहे है।

क्षेत्र के श्रेयांश पाण्डेय, कृष्ण कुमार तिवारी, जगन्नाथ तिवारी,आशीष कुमार राय,नरसिंह यादव, श्यामसुंदर,राजू यादव, रविशंकर विश्वकर्मा, रमेश तिवारी आदि लोगो ने कहा कि क्षेत्र मे हो रहे सड़क निर्माण मे गुणवत्ता नाम की कोई चीज नही है। सरकार सड़को की मरम्मत के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से गढ्ढा मुक्त होने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है।जन प्रतिनिधि को क्षेत्र की विकास की योजनाओ पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन उनकी भी उदासीनता का लाभ विभाग उठा रहा है।

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