April 18, 2018
गोरखपुर

कर्त्तव्य निर्वहन में लापरवाही पर नगर निगम के दो कर्मचारी निलम्बित

कर्त्तव्य निर्वहन में लापरवाही पर नगर निगम के दो कर्मचारी निलम्बित

गोरखपुर: महानगर में बेहतर सुख सुविधाओं का दम भरने वाली नगर निगम में कर्मचारी किस कदर अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं इसका नमूना आज मिल गया जिसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से न करने के आरोप में अनुचर जहांगीर अंसारी एवं वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि कई और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई सम्भावित है।

बता दें कि महापौर सीताराम जायसवाल द्वारा टैक्सी स्टैंड की वसूली में धांधली का आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त से मामले की जांच कराने की बात कही गयी थी।जिसकी जांच नगर आयुक्त ने जब करवाई तो पूरा मामला सामने आया।बताते चलें कि पहले नगर निगम द्वारा टैक्सी स्टैंडों की वसूली हेतु ठेका दे दिया जाता था, जिसमे निगम को लाखों रुपये का फायदा होता था, लेकिन बाद में निगम ने अपने ही कर्मचारियों से वसूली करानी शुरू कर दी। जिससे उसे लाखों रुपये का नुकसान हो गया।

निगम प्रशासन द्वारा धर्मशाला बाजार स्थित टैक्सी स्टैंड की वसूली को ठेके पर दिया गया था। अप्रैल 2017 से जून 2017 तक निगम को हर माह स्टैंड से 1.16 लाख रुपये की आमदनी हो रही थी।किन्तु बीते जुलाई 2017 में अचानक ठेकेदार ने कार्य छोड़ दिया तो नगर निगम ने अपने कर्मचारियों को लगाकर वसूली करानी शुरू कर दिया।जिसमे जुलाई 2017 से दिसंबर 2017 तक छह माह में महज 32 हजार रुपये की वसूली की है। इससे निगम को लगभग दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

इसके अतिरिक्त जेल रोड स्टैंड से एक अप्रैल 2017 से 30 जून 2017 तक हर माह निगम को 1.20 लाख रुपये की आय होती थी, वहां भी निगम ने स्वयं वसूली शुरू कराई तो छह माह में 4.63 लाख रुपये मिले जो ठेके की अपेक्षा बहुत कम राशि है। इससे निगम को लगभग 6.18 लाख रुपये का घाटा हुआ।इसी तरह सोनौली रोड टैक्सी स्टैंड पर ठेके से प्रति माह 47917 रुपये की आय थी तो वहीं ठेका समाप्त होनेे के बाद तीन माह में केवल 18 हजार रुपये ही वसूले गए। इस तरह उक्त स्टैंड से निगम को यहां भी घाटा हुआ।

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