April 18, 2018
गोरखपुर

पूर्णतया आवासीय विकास भारती स्कूल की अनूठी पहल, आर्गेनिक विधि से ऊगा रहा है फल और सब्जियां

 पूर्णतया आवासीय विकास भारती स्कूल की अनूठी पहल, आर्गेनिक विधि से ऊगा रहा है फल और सब्जियां

गोरखपुर: महानगर स्थित पूर्णतया आवासीय विद्यालय विकास भारती स्कूल ने एक अनूठी पहल की है। चुकी विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है इसलिए यहाँ प्रति दिन बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर साग-सब्जी और फलों की जरुरत होती है। अपनी इसी जरुरत को पूरा करने के लिए और छात्रों को शुद्ध भोजन परोसने के लिए स्कूल मैनेजमेंट ने अब आर्गेनिक फार्मिंग का सहारा लिया है।

स्कूल के प्रिंसिपल डॉ ए के पांडेय ने अपनी इस नयी पहल के बारे में बात करते हुए Gorakhpur Final Report को बताया कि स्कूल के बच्चों को आर्गेनिक फार्मिंग द्वारा उत्पादित की गयी सब्जियों और फलों को परोसा जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट 10 एकड़ में आर्गेनिक फार्मिंग विधि से सब्जियों और फलों का उत्पादन करती है। डॉ पांडेय ने बताया कि अभी यह अभियान शुरूआती दौर में है लेकिन स्कूल अपने इस अनूठे प्रयोग में काफी हद तक सफल रहा है।

उन्होंने बताया कि 10 एकड़ के इस विशाल मैदान में स्कूल वर्तमान में आलू, प्याज़, बैगन, टमाटर, शलजम, मिर्च, लौकी, बंदगोभी, फूलगोभी, टिंडा, कटहल जैसी सब्जियों का उत्पादन कर रहा है। डॉ पांडेय ने कहा कि ना केवल सब्जी बल्कि आम, लीची, केला और अमरुद जैसे फलों का भी उत्पादन होता है। डॉ पांडेय ने बताया कि जल्द ही स्कूल मैनेजमेंट अपने इस विशाल मैदान में धान और गेंहू का उत्पादन भी शुरू करेगा।

डॉ पांडेय ने बताया कि ना केवल सब्जी और फल बल्कि स्कूल के बच्चों को शुद्ध पीने का पानी मिले इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्कूल मैनेजमेंट ने एक सेंट्रल RO सिस्टम की स्थापना की है। स्कूल के प्रिंसिपल के अनुसार पहले अलग-अलग ब्लॉक में RO सिस्टम हुआ करते थे। बाद में बड़े पैमाने पर सभी मानकों से परिपूर्ण एक सेंट्रल RO सिस्टम की स्थापना की गयी।

यही नहीं डॉ पांडेय ने बताया कि RO सिस्टम से निकले फ़ालतू पानी को भी हम लोग बर्बाद नहीं होने देते हैं बल्कि उसका उपयोग आर्गेनिक फार्मिंग के माध्यम से फल और सब्जियों को पैदा करने तथा लॉन मेंटेनेंस में करते हैं।

आपको बता दें की 100 एकड़ में फैले शहर के इस विशाल पूर्णतया आवासीय विद्यालय की स्थापना 1995 में हुई थी। तब से अब तक इस स्कूल ने पठन-पाठन के क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस स्कूल से निकले सैकड़ों बच्चे आज देश विदेश में अच्छे-अच्छे जगहों पर स्थापित हैं। यह स्कूल अपने आप में औरो से अलग इसलिए साबित होता है क्योंकि यहाँ गुरुकुल सिस्टम और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर का अद्भुत संयोग दिखता है।

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