April 17, 2018
उत्तर प्रदेश

शाह से मुलाकात के बाद ओमप्रकाश राजभर की नारजगी हुई दूर, राज्यसभा में देंगे भाजपा को समर्थन

शाह से मुलाकात के बाद ओमप्रकाश राजभर की नारजगी हुई दूर, राज्यसभा में देंगे भाजपा को समर्थन

लखनऊ: सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में बीजेपी दफ्तर से मुलाकात की। इसके बाद उत्तर प्रदेश में अपनी ही सरकार से खफा चल रहे ओम प्रकाश राजभर की नाराजगी दूर हो गई है। मुलाकात के बाद राजभर राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने के लिए मान गए हैं।

अमित शाह से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राजभर ने बताया कि अब किसी तरह की उन्हें शिकायत नहीं है और सारे गिले शिकवे दूर हो गए हैं। राजभर ने साफ किया कि वो राज्यसभा के लिए बीजेपी को ही समर्थन देंगे।

जानकारी के अनुसार अब अमित शाह 10 अप्रैल को लखनऊ में राजभर, सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे के साथ एक बैठक करेंगे। मालूम हो कि अति पिछड़ी ‘राजभर’ जाति में अच्छा रसूख रखने वाले ओम प्रकाश राजभर अपने गिले-शिकवे दूर करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे थे।

बता दें कि राजभर अपनी सरकार से नाराज चल रहे थे। उन्होंने कड़ा हमला बोलते हुए योगी सरकार के एक वर्ष पुरे होने पर 10 मे केवल 3 अंक दिया था। मालूम हो कि अति पिछड़ी ‘राजभर’ जाति में अच्छा रसूख रखने वाले ओम प्रकाश राजभर अपने गिले-शिकवे दूर करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे थे।

इससे पहले राजभर ने कहा कि वो अपनी मांग को अमित शाह के सामने रखेंगे। अगर उनकी मांग नहीं मानी जाती है, तो वो अपना रास्ता अलग कर लेंगे। राजभर अपनी उपेक्षा की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से बेहद नाराज हैं। राजभर बीजेपी के मंत्रियों द्वारा सार्वजानिक रूप से की जा रही टिप्पणियों से भी खफा हैं। साथ ही वो बीजेपी की ओर से अन्य राजभर जाति के नेताओं को दी जा रही तवज्जो से भी खुश नहीं हैं।

उनकी नाराजगी यही तक नहीं है, वो मंत्रिमंडल में मिले अपने पोर्टफोलियो से भी नाराज हैं। राजभर इतने खफा हैं कि योगी के मनाए जाने के बाद भी उनकी नाराजगी खत्म नहीं हुई।

राजभर ने राज्यसभा चुनाव के बहिष्कार और बीजेपी को वोट न देने की धमकी दी थी। बीजेपी के लिए यह चुनाव बेहद खास है, क्योंकि यूपी में हाल में दो सीटों पर हुए उपचुनाव में उसे करारी शिकस्त मिली थी और अब राज्यसभा चुनाव में हार नहीं देखना चाहती। राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के लिए राजभर की पार्टी का समर्थन काफी अहम है, क्योंकि उसके पास चार विधायक हैं और इतने विधायकों की गैर-मौजूदगी बीजेपी के लिए नुकसानदेय साबित हो सकती है।

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