April 17, 2018
गोरखपुर

पहले ही दिन डीएम की चुस्ती से गोरखपुरवासियों की जगी उम्मीद, क्या आ गए शहर के अच्छे दिन!

पहले ही दिन डीएम की चुस्ती से गोरखपुरवासियों की जगी उम्मीद, क्या आ गए शहर के अच्छे दिन!

गोरखपुर: जिले का कार्यभार ग्रहण करने के एक दिन वाद बुद्धवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे नए डीएम ने संकेत दे दिया कि अब अंधेरगर्दी नही चलने वाली है। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखने का निर्देश दिया तो साथ ही कहा कि इसकी क्रास चेकिंग के लिए आस पास की दवा दुकानों की भी चेकिंग कर जांच होगी कि किस डॉक्टर के पर्चे पर दवाएं जा रही हैं। डीएम के इस पहल से गोरखपुर के लोगों को उम्मीद की एक नयी किरण दिखायी दे रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर होने के नाते बाकी मामलों में तो गोरखपुर VIP सिटी में गिना जाने लगा है लेकिन प्रशासनिक गतिविधियों के हाल बीते एक वर्ष में जस के तस ही रहे हैं। मुख्यमंत्री की सारी परियोजनाएं कछुआ चाल से ही आगे बढ़ रही हैं। शहर के अवैध अतिक्रमणों के हाल में भी कोई सुधर नहीं हुआ है। जाम की स्थिति में कभी सुधार होता है तो कभी फिर वही ढाक के तीन पात।

बुद्धवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पांडियन ने निर्देश दिया है कि जिला अस्पताल पुरूष एंव महिला के आस पास अवैध अतिक्रमण हटाया जायेगा। उन्होंने आज जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल में बेड की संख्या कम है। इसके निकट निर्माणाधीन 100 बेड के महिला चिकित्सालय को शीघ्र पूरा कराकर संचालित कराया जायेगा। उन्होंने डाक्टरों को हिदायत दी कि अस्पताल में उपलब्ध दवायें ही मरीज को लिखें तथा उपलब्ध करवायें। बाहर की दवा लिखने पर कार्यवाही की जायेगी। इस सिलसिले में अस्पताल के आस पास स्थित दवा की दुकानों की भी जांच करायी जायेगी कि वे किस डाक्टर के लिखने पर दवायें उपलब्ध कराते है।

हालांकि शहरवासियों का कहना था कि जो अधिकारी आता है पहले तो वो खूब चुस्ती दिखाता है लेकिन बाद में वो भी शिथिल पड़ जाता है। शहर के ही एक युवा निवासी और संयुक्त व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी नितिन जायसवाल का कहना है कि नए जिलाधिकारी के पास कुछ कर दिखाने के लिए समय की कमी है। डीएम को हर कार्य को त्वरित रूप से करना होगा। साथ ही उन्हें इस बात का भी पूरा ध्यान रखना होगा कि जनता भी उनके कार्यों से संतुष्ट दिखे।

नितिन का कहना है कि जिलाधिकारी की पोस्टिंग सीएम सिटी में गोरखपुर उपचुनाव में भाजपा की अप्रत्याशित हार के बाद हुई है। ऐसे में जिलाधिकारी का दायित्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिए भी अब ज्यादा समय नहीं है। नितिन ने कहा कि जब भी बात सीएम सिटी की होती है तो उसकी तुलना पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृहनगर सैफई से होती है। हालांकि वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए एक शहर नहीं बल्कि प्रदेश के सभी शहर महत्वपूर्ण है। इसलिए वो सभी शहरों पर ध्यान दे रहे हैं लेकिन इस बाद भी गोरखपुर में रहने वाले लोगों को यह उम्मीद है कि उनके अपने महाराज जी के कार्यकाल में शहर चमक कर राष्ट्रीय फलक पर दिखेगा। ऐसे में यहाँ के अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

गौरतलब है कि बुद्धवार को अपने निरीक्षण में डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाये, उनकी दिक्कतों को सुनकर उचित ट्रीटमेन्ट किया जाये। किसी मरीज के साथ स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार करने या पैसा लेने की शिकायत को गंभीरता से लिया जायेगा तथा दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

उन्होंने निर्देश दिया है कि चिकित्सालय में डाक्टर एंव स्टाफ समुचित ड्रेस मे रहें। दवाओं की सूची प्रतिदिन बोर्ड पर अपडेट की जाये। निरीक्षण के दौरान दोनों अस्पतालों के सीएमएस तथा डाक्टर उपलब्ध रहे।

Related Posts

पहले ही दिन डीएम की चुस्ती से गोरखपुरवासियों की जगी उम्मीद, क्या आ गए शहर के अच्छे दिन!