April 17, 2018
उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के अंदेशे के बीच 9 बजे से शुरू होगा मतदान

राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के अंदेशे के बीच 9 बजे से शुरू होगा मतदान

लखनऊ: थोड़ी ही देर में राज्यसभा में यूपी की 10 सीटों पर मतदान शुरू हो जायेगा। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधानभवन के तिलक हॉल में मतदान होगा। शाम 5 बजे से मतगणना होगी। बीजेपी के 8 और विपक्ष के 1 उम्मीदवार का जीतना तय है। 10वीं सीट के नतीजें पूरी तरह से क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करेंगे, जिसकी जमीन गुरुवार देर रात तैयार हो गई। पुरवा से बीएसपी के विधायक अनिल सिंह शाम को सीएम आवास पर हुई बीजेपी विधायकों की बैठक में मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार बीजेपी ने अपना नौवां उम्मीदवार जिताने के लिए बड़ा दांव चलते हुए विपक्षी खेमे में सेंध लगा दी है। बीएसपी विधायक अनिल सिंह बीजेपी कैंप में दिखे हैं। वहीं, दूसरी तरफ एसपी मुखिया अखिलेश यादव की पूरी कोशिश है कि गठबंधन की राजनीति को चमकाने के लिए बीएसपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर को राज्यसभा पहुंचाया जाए। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश की रणनीति यह है कि अगर सेंधमारी हुई तो जया बच्चन के बदले में आंबेडकर को जिताया जाए। अखिलेश ऐसा कर बीएसपी सुप्रीमो मायावती का साथ देना चाहेंगे।

सूत्रों के मुताबिक एसपी का मानना है कि जया अगर राज्यसभा नहीं पहुंचीं तो भी पार्टी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन भविष्य में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए गठबंधन की संभावनाओं को बरकरार रखना होगा। उधर, जेल में बंद एसपी के हरिओम यादव और बसपा के मुख्तार अंसारी को कोर्ट से मतदान की अनुमति न मिलने से विपक्ष की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फिलहाल जो हालात हैं उसमें क्रॉस वोटिंग तय है।

हरिओम यादव को वोटिंग की अनुमति न मिलने व नितिन अग्रवाल के पाला बदलने के बाद एसपी के पास 45 विधायक बचे हैं। मुख्तार अंसारी के जेल में होने व अनिल सिंह के बीजेपी के पाले में जाने से बीएसपी विधायकों की संख्या 17 रह गई है। विपक्ष ने कांग्रेस के 7, 2 निर्दलीय और आरएलडी के एक विधायक के समर्थन का दावा किया है। इस हिसाब से विपक्ष के दो उम्मीदवारों के लिए कुल 72 वोट हैं।

जीतने के लिए 36.55 (37) वोट चाहिए। ऐसे में एक प्रत्याशी के पास 35 वोट ही बचेंगे। वहीं, बीजेपी के पास गठबंधन सहित 28 अतिरिक्त वोट हैं। दो वोट बागियों के, एक निर्दलीय और निषाद पार्टी का एक वोट मिलाकर संख्या 32 पहुंचती है। ऐसे में कोटा पूरा करने के लिए दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती होगी, जिसमें बीजेपी के भारी पड़ने के आसार हैं।

सूत्रों की मानें तो बीएसपी व कांग्रेस के कुछ और विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। एसपी के यहां डिनर करने वाले दो निर्दलीय विधायकों पर भी संशय है। अगर इन्होंने पाला बदला तो बीजेपी की सीधी जीत तय है। वहीं, अगर विपक्ष अपने वोट बचाने के साथ बीजेपी में सेंध लगा पाया तो उसका काम बन सकता है। बीजेपी के डिनर में गुरुवार को अपना दल के विधायक नहीं पहुंचे थे। हालांकि, पार्टी के विधानमंडल दल के नेता नील रतन पटेल का दावा है कि उनकी पहले से मीटिंग तय थी।

विपक्ष में सेंधमारी की स्थिति में एसपी मुखिया अखिलेश यादव की नजर भविष्य की सियासत पर है इसीलिए पार्टी के पुराने विधायकों के वोट बीएसपी के उम्मीदवार के लिए आवंटित किए गए हैं। वह चाहते हैं कि कोई सेंधमारी हो तो एसपी की जया बच्चन की कीमत पर बीएसपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर की सीट न गड़बड़ हो। आंबेडकर को जिताकर अखिलेश गठबंधन को मजबूत कर सकेंगे, वहीं दलित वोटरों में भी संदेश देना आसान होगा।

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