April 17, 2018
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नईम एंड संस मामला: आरोपियों की सच्चाई जानने को पुलिस कराएगी नार्को टेस्ट

गोरखपुर: देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले गोरखपुर के कारोबारी भाइयों की जमीनी हकीकत अब नार्को टेस्ट बताएगा। इसके जरिये अब पुलिस उनकी कही बातों की पुष्टि करने के लिए और उनके कथित ब्यूरोक्रेट्स और पोलिटिकल कनेक्शंस का भी पता लगाएगी। गौरतलब है कि शनिवार शाम को एटीएस टीम ने गोरखपुर में छापेमारी कर टेरर फंडिंग के आरोप में पकड़े गए दो मोबाइल कारोबारी भाइयों समेत दस लोगों को पकड़ा था। जिन्हें लेकर एटीएस की टीम लखनऊ चली गई है।

हवाला के जरिये टेरर फंडिंग के मामले में महानगर के मशहूर मोबाइल विक्रेता नसीम व अरशद समेत 10 लोगों से एटीएस को पूछताछ के दौरान इस संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुयी है।सूत्रों की माने तो इसकी जानकारी के आधार पर यहां के कुछ अन्य जगहों पर कुछ बड़े अपराधियों के अलावा कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों और राजनीतिज्ञों पर भी शिकंजा कस सकती है।

एटीएस को खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि कुछ लोगों के जरिया हवाला एवं आतंकियों को धन पहुंचाने में यहां के कुछ लोगों की सक्रिय भूमिका है। सूचना के आधार पर एटीएस ने अपने तरीके से बहुत ही महत्वपूर्ण सूत्रों से जानकारी की तो यह बात खुलकर सामने आई कि तकरीबन 3 साल में इस तरह में नईम ब्रदर्स ने अकूत दौलत कमाया। जिसके बल पर उन्होंने सिंगापुर, हॉंगकांग, मलेशिया समेत दिल्ली में भी बहुत आकर्षक कार्यालय खोल रखा है। वहां से कारोबार का संचालन करते हैं।

इस संदर्भ में यह भी पता चला कि नईम व अरशद में से एक व्यक्ति माह में 20 दिन विदेश में ही रहता है। इन सूत्रो के आधार पर एटीएस ने जो जानकारी जुटाई उसके आधार पर इन लोगों को गंभीर व आपत्तिजनक गतिविधियों के बारे में पता चला। बताया जाता है कि यह लोग सऊदी अरब से धन को नेपाल रास्ते अपने एजेंट द्वारा प्राप्त करते थे, और इन पैसों को वह खुफिया तरीके से संबंधित एजेंटों के जरिए जिन्हें स्लीपर सेल कहा जाता है, पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों में पहुंचाते थे।

गोरखपुर में अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद रविवार दिन में एटीएस ने नियंमत: लखनऊ में न्यायालय के सामने पेश किया।जिस के बाद न्यायालय ने पुलिस कस्टडी में पूछताछ के लिए भेज दिया।बताया जाता है प्रदेश की सरजमीं से हो रहे इस तरह के देशविरोधी गतिविधियों पर केंद्र और प्रदेश सरकार ने बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को कड़े निर्देश के साथ पूरी सच्चाई पर्दाफाश कर संबंधित सभी लोगों के खिलाफ कड़ा कदम उठाए जाने का निर्देश दिया है।

बताया जाता है कि एसटीएफ भी इस संदर्भ में गतिमान हो गई है और उसने भी अपने तरीके से छानबीन शुरु कर दिया है इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कुछ बड़े चेहरे जो समाज में सफेदपोश बने हुए हैं उनके भी चेहरे से नकाब उतर जाएगी इसकी भनक यहां के बड़े अधिकारियों और राजनीतिक सफेदपोशों को भी हो गई है। जिससे उनके बीच जबरदस्त उहापोह की स्थिति बन गई है।

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