April 17, 2018
टॉप न्यूज़

निजीकरण का विरोध: कर्मचारियों ने सीएम योगी का किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

गोरखपुर: निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे बिजली अफसरों और कर्मचारियों ने आज तपती धूप में प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तस्वीर का शुद्धि यज्ञ व विधिवत पूजा पाठ किया व प्रसाद का वितरण भी किया गया और कर्मचारियों प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बिजली कार्मिक मुख्य अभियंता दफ्तर के समक्ष प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगाकर बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया, हाथों में तख्तियां लिए बिजली कर्मी निजीकरण का विरोध करते नजर आए। सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मचारी लगातार पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन उनकी सुध लेने कोई भी सरकारी कर्मचारी या जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया, धरने का समर्थन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद विद्युत संविदा मजदूर कल्याण समिति सहित आधा दर्जन संगठनों ने किया है।

इस संबंध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि आज धरने का सातवां दिन है और हम लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के समक्ष बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया है, उन्होंने कहा कि योगी जी हमारे मुखिया भी रहे हैं, इस समय पुर उत्तर प्रदेश के मुखिया हैं। आप को बहकाकर इस तरीके का कार्य करवाए जा रहा है, जो कि गलत है आप कभी आम जनता, आम उपभोक्ताओं के हक में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि हम कर्मचारियों की नहीं तो कम से कम आम जनता के बारे में सोचें जो गलत है, आप निजीकरण का के बारे में जो भी आप वह बताया गया है, वह सरासर गलत है। इस यज्ञ के माध्यम से आपको सोचने की इच्छा शक्ति दे और जिस तरीके से बुद्धि विचलित हुई है, वह सुचारु रुप से हम सभी के बारे में सोचें, इसलिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि लगातार राजस्व की हानि पावर कारपोरेशन को हो रहा है, मार्च का महीना है और इस महीने में हम सभी कार्य नहीं कर रहे हैं। जिससे प्रदेश सरकार को काफी नुकसान हो रहा है जो भी हमें टारगेट दिया जाता था, उसे हम पूरा करते आए हैं और इस बार भी हम पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे आप के इस निर्णय से प्रदेश के खजाने को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। हम लगातार बिजली व्यवस्था को बहाल किए हुए हैं, हम नहीं चाहते कि जनता परेशान हो सरकार जब तक हमारी बात नहीं सुनती है तब तक हम धरनारत रहेंगे और सरकार को नींद से जगाने का काम करेंगे।

Related Posts

निजीकरण का विरोध: कर्मचारियों ने सीएम योगी का किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ