April 17, 2018
सिद्धार्थ नगर

सिद्धार्थनगर में विकास की राह देखता कर्मा गांव

सिद्धार्थनगर में विकास की राह देखता कर्मा गांव

सिद्धार्थनगर: आजादी के सात दशक बाद भी विकास की राह देख रहे सिद्धार्थनगर जिले के एक गांव में यूं तो हर बार राजनीतिज्ञों ने ग्रामीणों ने छला, किन्तु अबकी बार जीते विधायक प्रत्याशी ने जब इन ग्रामीणों को विकास का सपना दिखाया तो गांव वालों ने एक बार इनको भी आजमाने के लिए वोट दिया। लेकिन सरकार बने एक वर्ष पूरे हो गए, अगर कुछ नहीं पूरा हुआ तो वो है इन ग्रामीणों के सपने।

जनपद के शोहरतगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत के कर्मा गांव में आजादी से अब तक लोगों को पक्की सड़क तक नसीब नही हुआ है। इतने समय से लोगों को इस कदर दिक्कतो का सामना करना पड़ता है कि वे अपने आप को हमेशा कोसते रहते हैं ,क्योंकि हर बार किसी न किसी जनप्रतिनिधि के द्वारा उनको धोखा ही मिला है। ग्रामीणों का कहना है जब चुनाव का दौर होता है तो नेता लोग बहुत से वादे करते रहते हैं,किंतु जितने के बाद कोई इस गांव की तरफ ध्यान नहीं देता है।जब कि हर बार ही उस गांव वालों को अपने झांसे में लेकर ओ वोट तो ले लेते हैं फिर उस गांव में दुबारा नजर नहीं आते है।

यही हाल अब की विधानसभा के चुनाव के दौरान हुआ है लेकिन अबकी बार चौधरी अमर सिंह ने उन गाँव वालों से चुनाव से पहले ही वादा किया था कि अगर हम चुनाव जीतते हैं तो इस गांव का विकास करेंगे गांव वाले कहते हैं कि अब तक लोगों ने तो हमे छला ही है अबकी बार इनको भी देख लेते हैं।गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर सिचाई के लिये नहर की व्यवस्था की गई है तो भी सिचाई के लिहाज से पर्याप्त नही है। 2300 की आबादी में सिर्फ 40 लोगों को ही वृद्धा पेंसन का लाभ मिल रहा है।जब कि विधवा पेंशन सिर्फ 25 लोगों को हो मिल रहा है।गांव में विजली लगे लगभग 15 वर्ष हो गए लेकिन गांव वालों का कहना है कि गांव में कुल मिला कर बिजली 12 घण्टे ही मिल पाती है।

आइये आप को हम दिखाते हैं गांव का हाल।इस गांव की आबादी लगभग 2300 है यहां अब तक किसी भी व्यक्ति को लोहिया आवास नही मिला। वहीं प्रधानमंत्री आवास का लाभ 6 लोगो को मिला है।वहीं गांव में 12 इंडिया मार्का हैंडपम्प है जो पूरी आबादी के लिए पर्याप्त नही है।

वहीं इस सम्बंध में विधायक हो जाने के बाद अमर सिंह ने उस गाँव की स्थिति को जानकर कहा कि हमे यह याद है और हमने उस गाँव के बारे में चुनाव के ही दौरान उस की रणनीति बना ली थी।हमने उसकी कागजी कार्यवाही पूरा करा दिया है जल्द ही उस गांव में सड़क बननी शुरू हो जाएगी।विधायक जी को वादा किये एक साल बीत गया लेकिन गांव का हाल जस का तस बना हुआ है।अब देखना उन गांव वालों को सांत्वना ही मिलती हैं या सड़क।

Related Posts

सिद्धार्थनगर में विकास की राह देखता कर्मा गांव