April 17, 2018
गोरखपुर

आख़िरकार चर्चित आईपीएस चारु निगम की गोरखपुर से हो ही गयी विदाई

आख़िरकार चर्चित आईपीएस चारु निगम की गोरखपुर से हो ही गयी विदाई

गोरखपुर: अपनी कामकाज से कम और नगर विधायक राधामोहन दास अग्रवाल और उसके बाद बीते उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ला के साथ हुई नोक झोंक के कारण चर्चा में रहीं आईपीएस अधिकारी चारु निगम की आख़िरकार गोरखपुर से विदाई हो ही गयी। बृहस्पतिवार को प्रदेश में शासन ने एक बार फिर फेरबदल करते हुए 21 आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव किया है। इस फेरबदल में गोरखपुर के दो आईपीएस भी आये है। जिनमे जिले में तैनात एसपी नार्थ गणेश साह को ए एसपी देवरिया और आईपीएस चारू निगम को एएसपी अभिसूचना मुख्यालय भेजा गया है।जबकि एसपी नार्थ पद पर रोहित सजवान की तैनाती की गई है।

बता दें की चारु निगम जब तक रहीं उनका भाजपा नेताओं से छत्तीस का ही आंकड़ा रहा। वो पहली बार सबसे ज्यादा चर्चा में आयी विधायक राधा मोहन से नोंक झोंक के बाद। उस समय चिलुआताल क्षेत्र में ट्रेनी महिला आईपीएस चारु निगम एक मामले में विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सार्वजनिक रूप से डांट देने पर रो पड़ी थीं। बाद में विदाहयक ने उस मामले में जहाँ सफाई दी थी तो वहीँ चारु निगम ने सोशल मीडिया का सहर लेते हुए विधायक को चुनौती देते हुए कहा था कि उनके आंसुओं को उनकी कमजोरी न समझा जाये।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा था,”मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी न समझना, कठोरता से नहीं कोमलता से अश्क झलक गए….महिला अधिकारी हूं तुम्हारा गुरूर न देख पाएगा,, सच्चाई में है जोर इतना अपना रंग दिखलाएगा…’ कविता के रूप में उन्होंने अपनी भावनाएं अपने फेसबुक पेज पर रखी हैं। इसके बाद महिला आईपीएस चारू ने अपने अधिकारी के बारे में भी लिखा, उन्होंने कहा कि ‘जब उनके सिटी एसपी आएं तो उन्होंने मेरी चोट के बारे में पूछा और फोर्स के साथ खड़े हो गए । यह देखकर मैं भावुक हो गई’, साथ उन्होंने लिखा कि ‘मैं थोड़ी आहत हूं लेकिन ठीक हूं, किसी तरह की चिंता की बात नहीं।”

खर इस मामले के बाद सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने विधायक आरएमडी को लखनऊ तालाब कर यह सन्देश दिया कि वो प्रशासनिक गतिविधियों में किसी तरह की हस्तक्षेप बर्दास्त नहीं करेंगे। यही नहीं उसक कुछ ही दान बाद चारु निगम को बाकायदा एसपी भी बना दिया गया।

दूसरी बार चारु निगम गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान के दौरान सहजनवा विधान सभा क्षेत्र के टेकवार गांव के ढदौना बूथ पर भाजपा प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ल से बहस के कारण चर्चा में आयीं। दोनों के बीच तीखी नोक जहां हुई थी। श्री शुक्ल ने एसपी पर मतदाताओं को मतदान से रोकने का आरोप लगाया और कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट और एसपी चारू निगम ने उनका नुकसान किया है। उन्होंने एसपी पर पार्टी बन कर काम करने का आरोप लगाया।

जबकि इसी प्रकरण में अब एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने एसपी पर बूथ पर लाठी चार्ज कर दो घंटे तक मतदान बाधित करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।जबकि इस मामले में एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज ने लाठीचार्ज से साफ इनकार किया है और कहा कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार उस समय ही भाजपा के कई नेताओं को चारु निगम का व्यवहार नहीं जंचा था। शिकायत ऊपर स्तर तक गयी थी। चुनाव के दौरान गोरखपुर में आये प्रदेश के कई बड़े नेताओं ने कहा था कि वो महिला आईपीएस के कार्यशैली की शिकायत ऊपर करेंगे।

चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में ना आने पर और यह क्लियर हो गया था कि योगी की इस पसंदीदा अधिकारी के गोरखपुर में दिन बस गिनती के ही हैं।

चारु निगम के अतिरिक्त गुरुवार को जारी स्थानांतरण आदेश में जिन 21 आईपी एस अधिकारियों का तबादला किया है।उनमे गौरव ग्रोवर एसपी ग्रामीण लखनऊ, ख्याति गर्ग एएसपी पुलिस अकादमी मुरादाबाद,रोहित सजवान एसपी उत्तरी गोरखपुर, आशीष श्रीवास्तव एएसपी बागपत, गणेश प्रसाद शाहा एएसपी देवरिया,अंकित मित्तल एसपी नगर मुरादाबाद,अनूप कुमार सिंह एएसपी उन्नाव, अभि नंदन एएसपी नगर बरेली, मणिलाल पाटीदार एएसपी गोंडा, श्लोक कुमार एएस पी शामली, मीनाक्षी कात्यायन एएसपी सुल्तानपुर,विक्रांतवीर एएसपी बलिया,विनीत जायसवाल एएसपी इटावा,संजीव सुमन एएसपी पश्चिमी कानपुर नगर, रहीश अख्तर एएसपी बुलंदशहर, सुरेंद्र कुमार दास एएसपी अंबेडकर नगर,चारू निगम एएसपी अभिसूचना मुख्यालय, प्रशांत वर्मा एएसपी खीरी और गौरव बंशवाल एएसपी कुशीनगर शामिल हैं।

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