April 17, 2018
गोरखपुर

एम्स निर्माण का रास्ता साफ, पुराने भवनों की ध्वस्तीकरण की कार्यवाही 15 दिनों में होगी पूरी

एम्स निर्माण का रास्ता साफ, पुराने भवनों की ध्वस्तीकरण की कार्यवाही 15 दिनों में होगी पूरी

गोरखपुर: महानगर में एम्स निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध केन्द्र की सम्पूर्ण भूमि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग को स्थानान्तरित हो गयी है। जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पांडियन ने शोध केन्द्र की भूमि पर स्थापित सभी भवनो को ध्वस्तीकरण करने के लिए अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी प्रान्तीय खण्ड को निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि पीडब्लूडी विभाग ध्वस्तीकरण करने तथा स्क्रैब निस्तारण का कार्य 15 दिन में पूरा करायेगा। उल्लेखनीय है कि इसकी भूमि पर गन्ना विभाग का गन्ना शोध केन्द्र, गन्ना प्रशिक्षण केन्द्र सहित कुल 11 भवन है। जिसमें लगभग 50 कमरे, दो हाल एवं प्रशासनिक भवन है।इसमें कृषि विभाग का कृषि रक्षा इकाई, मृदा प्रशिक्षण, बीज भण्डार एवं मृदा सर्वेक्षण कार्यालय है। ये सभी भवन खाली हो गये है।

गन्ना शोध केन्द्र पिपराइच में जीएम आवास में शिफ्ट होना है जबकि जीएम आवास पिपराइच चीनी मिल के कुछ कमरो में ताला बन्द होने के कारण पूरी तरह शिफ्ट नही हो पा रहा है।

जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर राहुल पाण्डेय को यह जिम्मेदारी सौपी है। 7 अप्रैल को शिफ्टिंग की कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा.गणेश को निर्देश दिया है कि वे विभागीय समन्वय बनाकर एम्स की स्थापना में तेजी लायें। उल्लेखनीय है कि राइट्स संस्था को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गयी है।

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