April 17, 2018
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80 दिनों से नही हुई FIR, न्याय की आस में भटक रहे दुष्कर्म पीड़िता के अभिभावक

गोरखपुर: देश में निर्भया के रेप और हत्या के बाद हो हल्ला मचा, कानून में भी बदलाव हुआ। फिर इन दिनों प्रदेश में उन्नाव जिले की घटना ने शासन को झकझोर रखा है। लेकिन इसके इतर अब सीएम के अपने जिले गोरखपुर की एक पीड़िता अपने परिवार के साथ 80 दिन से थाने से लगायत अधिकारियों के दरबार और मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक चक्कर काट रही है पर उसे अभी तक न्याय नहीं मिला है।

पीडिता का आरोप है की 24 जनवरी को उसके साथ हुए रेप के मामले में पुलिस ने ना तो उसका मेडिकल कराया ना ही आरोपी को पकड़ा। अभी रेप हुआ है या नही, इसी की जाँच चल रही है। इस मामले में गांव की पंचायत ने अस्मत की बोली भी लगाने और धमकाने की कोशिश की पर पीड़िता के पीछे नही हटने पर उसे आरोपी ने 3 दिन पहले जान से मारने की कोशिश भी की। अपनी माँ और पिता के साथ इंसाफ के लिए यह नाबालिग पीड़िता भटक रही है पर इसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है।

सीएम सिटी गोरखपुर के एसएसपी कार्यालय के चक्कर काटती यह नाबालिग पीड़िता सहजनवा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। अपने माता पिता के साथ क़ानून के रखवालों के दरवाजे पर फरियाद लेकर यह पिछले 78 दिनों से दौड़ रही है पर इसकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। इस पीडिता का आरोप है 24 जनवरी 2018 की रात में इसके गांव के ही एक मनबढ़ युवक अमित साहनी ने असलहे के बल पर इसके साथ बलात्कार किया। रात में सोते समय अमित इसके घर में घुसा था और इसके साथ जबरन दुष्कर्म कर फरार हो गया।

पीडिता के बताने पर इसके माता पिता से आरोपी अमित के घर जाकर जब शिकायत की तो उल्टा इनको ही धमकाकर भगा दिया। दूसरे दिन पीड़ित न्याय के लिए सहजनवां थाने पहुँची, जहां खाकी वर्दीधारियो ने उसे धमका कर थाने से भगा दिया और अब तक उसका मुकदमा दर्ज नही किया गया।लगभग दो माह तक यह पूरा परिवार थाने से लेकर एसएसपी ऑफिस तक चक्कर काटता रहा पर सिवा आश्वासन और जाँच टीम गठित करने के कुछ नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जाँच के नाम पर उनको पुलिस वालों ने धमकाया भी और गाँव के प्रधान सहित कई लोगों ने इनसे मामले में सुलह समझौता करने और लेन देन करने की भी सलाह दी।

सीएम के जिले में जब उनकी पुलिस ने पीड़ितों को न्याय के बदले थाने से धमकी देकर भगा दिया तो न्याय के लिए पीड़िता अपने पिता के साथ सीएम से मिली। गोरखपुर के जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी ने इस पीडिता को कार्यवाही का आश्वासन भी दिया पर अब तक कोई कार्यवाही और बलात्कार का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीडिता के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं, अभी सिर्फ इसकी ही जाँच हो रही है। 12 वीं की पढाई कर रही इस पीडिता की उम्र भी अभी मात्र 17 साल है और इस मामले में अबतक कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं हो पायी है।

इसका आरोप है कि सहजनवा थाने में पूछताछ के लिए बुलाकर पुलिस वालों द्वारा इस पर दबाव भी बनाया गया और जबरन बलात्कार नहीं होने की बात भी कहलवाई गयी। तीन दिन पहले नवागत एसएसपी से जब इसने शिकायत की तो एसएसपी के द्वारा सहजनवा थाने की पुलिस को कार्यवाही के निर्देश दिए गये। इसके बाद पुलिस ने गाँव में जाकर पूछताछ का कोरम पूरा किया और लौट आये।

इसी रात आरोपी के परिवार वाले एक बार फिर इस पर कहर बनकर टूटे और इसको घर से घसीट कर बाहर लाये और इसका गला दबाने की कोशिश की। परिजनों के आने पर इसे छोड़कर सब फरार हो गये।जिससे भयभीत पीडिता अपने माँ और पिता के साथ फिर एसएसपी कार्यलय पहुचीं और उनसे अपनी फरियाद सुनाई। एसएसपी ने इस मामले में सहजनवा थाने की भूमिका और पीडिता के आरोपों की जांच शुरू करा दी है और जाँच रिपोर्ट के बाद आगे कार्यवाही की बात कह रहे हैं।

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