April 17, 2018
देवरिया / कुशीनगर

पूर्वांचल में रफ़्तार का शौक लील रही हैं जिंदगियां

डॉ. अमित कुमार पांडेय
देवरिया: दो दिन पूर्व एक रोड एक्सीडेंट में बरहज थाना में तैनात एक दारोगा को रफ़्तार के कहर ने लील लिया। मूलरूप से गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुर मथुरा उर्फ पाठक की चकिया गांव के रहने वाले अजय कुमार पाठक बुधवार की देर शाम को वह गश्त कर वापस थाने पर आ रहे थे। अभी वह बरहज ब्लाक के समीप ही पहुंचे थे कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

यह पहला मौका नहीं है जब रफ़्तार के शौक ने किसी की जिन्दगी लील ली हो। सवाल यह उठता है कि आये दिन होने वाले इन घटनाओं के प्रति जिम्मेदार कौन है। बिना लाग लपेट के यह बात कही जा सकती है कि अपवादस्वरूप एक दो घटनाओं को छोड़ दिया जाये, तो इन मौतों के लिए जिम्मेदार रफ़्तार के शौक़ीन आज के युवा ही हैं। क्षेत्र में युवाओं को आप फ़िल्मी हीरो की तरह किसी भी सड़क पर हवा से बात करते हुए देख सकते हैं।

क्या बीते दिनों हुई घटनाओं में सब इंस्पेक्टर अजय कुमार पाठक और पूर्व सभासद के पुत्र जीतेन्द्र की भी कोई गलती थी यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन पाठक के परिवार को यह दर्द पुरे जीवन सालता रहेगा। रफ़्तार जिंदगी से तेज हो गयी है और युवा रफ़्तार के आगोश में गिरफ्तार हो चुके हैं। जिसकी परिणति आये दिन खतरनाक दुर्घटनाओं के रूप में देखने को मिल रही है।

आज पूर्वांचल के सडकों पर अभिभावकों के द्वारा दिए गए अत्याधुनिक रफ़्तार की मोटरसाइकिल पर सवार युवा शोर मचाते पुरे शबाब के साथ अपने ऊपर कभी भी आने वाले खतरों से अनजान, दुसरो के लिए खतरनाक बन रहे हैं। साइकिल तो बीते ज़माने की बात हो गयी है। आज अभिभावक बेहिचक नाबालिगों को मोटरसाइकिल
उपहार में दे रहे हैं। ये अनुभवहीन युवा आपको अच्छी तादात में सडको पर फर्राटे भरते मिल जायेंगे, जिन्हे आप पूर्वांचल के सडको पर किसी भी समय नियम तोड़ते देख सकते हैं। यातायात विभाग को भी थोड़ा चौकन्ना रहने की जरुरत है नहीं तो ऐसे अफसर अपनी जान गवांते रहेंगे।

अच्छी सड़के सहूलियत के लिए बनाई जाती है। परन्तु आज के तारीख में जब से कस्बो और गावों से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़के दो लेन की हो गयी है, मार्ग दुर्घटनाओं की संख्या चार गुनी हो गयी है। क्या इसके लिए अच्छी सडको को जिम्मेदार माने। बिलकुल नहीं। अच्छी सड़के आम आदमी का सार्वभौमिक अधिकार है। परन्तु उसका दुरूपयोग किसी मायने में सही नहीं मiनi जा सकता।

पूर्वांचल के युवाओ से अपील है की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो पहिया वाहन का प्रयोग करे। वाहन चलाने के दौरान हेलमेट का प्रयोग जरूर करे। हेलमेट तेज रफ़्तार के लिए नहीं अपनी सुरक्षा के लिए है और तेज रफ़्तार से अपने अलावा दुसरो को भी नुकसान पंहुच सकता है।

(मूलरूप से बरहज निवासी लेखक एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा में प्रबंधन शास्त्र के प्रोफेसर है )

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