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Final ReportJuly 25, 2016
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The-child-with-her-sisterगोरखपुर: चौरीचौरा थाना क्षेत्र के मुण्डेरा बाजार के वार्ड सं 8 के पास से एक छ वर्षीय बालक के अपहरण का प्रयास किया गया। जिसकी काफी खोजबीन के बाद पुलिस को सुचना दी गयी। बाद में सोमवार शाम को उक्त बालक को अपहर्ता बाजार में छोड़ कर फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौरीचौरा के मुंडेरा बाजार कस्बा निवासी विजय जायसवाल का पुत्र गोविन्द (6 वर्ष) एलिस चिल्ड्रेन एकाडमी का छात्र है। सोमवार दोपहर उसे बाइक सवार दो युवकों ने मुँह दबाकर मोटरसाइकिल पर लेकर भागने लगे।

Bike-used-in-kidnaapingवहा के स्थानीय लोगों के बताने के अनुसार एक युवक बाइक पर बैठकर वही आसपास पहले कुछ देर पहले टहल रहा था। उसके बाद उसने उस बच्चे को बाईक पर बैठाया बच्चे को बाईक पर बैठाने के बाद उसने अपने साथी को काल करके बुलाया। उसके बाद दूसरा साथी भी उसी बाईक पर बैठ गया और दोनो लोग उसे लेकर बाल खुर्द तरफ भागने लगे तो बच्चा रोने लगा। तब एक ने बच्चे का मुह बन्द कर लिया और गाड़ी की स्पीड तेज करके फरार हो गए।

यह घटना करीब 12 :30 बजे की थी। पुलिस को तुरन्त सूचना दी गई। सुचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुचकर खोजबीन शुरु कर दी। बाद में देर शाम युवकों ने बच्चे को चौरीचौरा बाजार में छोड़ दिया और फरार हो गए। बाजार में बच्चे को रोटा देखकर कुछ युवकों ने उसे उठाकर घर पहुँचाया।

The-child-with-her-sisterपडोसी ही निकले किडनैपर

पुलिस ने किडनैपर और घटना में प्रयोग की जाने वाली मोटरसाइकल को बरामद कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पडोसी ही किडनैपर निकले हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

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Final ReportJuly 25, 2016
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List-of-transfered-officialगोरखपुर: प्रदेश सरकार ने सोमवार को 24 आईएएस अफसरों के तबादले किये हैं। अनिल कुमार को गोरखपुर का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीँ पीवी जगमोहन बस्ती के नए मंडलायुक्त बनेंगे। सरकार ने चार पीसीएस अफसरों के भी तबादले किये हैं।

देखें पूरी लिस्ट

रजनीश गुप्ता- प्रमुख सचिव कृषि
सुभाष शर्मा- कमिश्नर अलीगढ़ मंडल बने
अनिल कुमार तृतीय- कमिश्नर गोरखपुर मंडल
पीवी जगनमोहन- कमिश्नर बस्ती मंडल
दिनेश कुमार सिंह- राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश
नेपाल सिंह रवि- सचिव सचिवालय प्रशासन
नीलम अहलावत- कमिश्नर आजमगढ़ मंडल
मुकेश मेश्राम से मनोरंजन कर विभाग हटा
श्रद्धा मिश्रा – आयुक्त मनोरंजन कर विभाग
अजय कुमार सिंह- निदेशक प्राविधिक शिक्षा
विद्यासागर प्रसाद -निदेशक विकलांग कल्याण

भवानी सिंह खगरौत- विशेष सचिव एपीसी
मो इफ्तखारूद्दीन से MD वित्त विकास निगम हटा
जयश्री भोज- MD वित्त विकास निगम कानपुर बनीं
सुखलाल भारती- विशेष सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
MD राज्य हथकरघा निगम का अतिरिक्त चार्ज भी मिला
राकेश कुमार सिंह-2 वीसी हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण
शीतल वर्मा – विशेष सचिव वित्त विभाग
अविनाश कुमार- ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वाराणसी
जगदीश- विशेष सचिव सचिवालय प्रशासन विभाग
शुभ्रा सक्सेना- विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग
आन्जनेय कुमार सिंह- जिलाधिकारी बुलंदशहर
राजेश कुमार-2- वीसी विकास प्राधिकरण मुरादाबाद

चार पीसीएस अफसरों के भी तबादले
जितेंद्र प्रताप सिंह- कुलसचिव मिनी पीजीआई सैफई
रविशंकर गुप्ता- अपर प्रबंध निदेश, कौशल विकास
योगेंद्र यादव उपाध्यक्ष – मेरठ विकास प्राधिकरण
पंकज कुमार वर्मा का तबादला निरस्त

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Final ReportJuly 25, 2016
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Image-for-representation-1गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर और गोमतीनगर के बीच एक एक्सप्रेस ट्रेन चलने का निर्णय लिया है। कृषक एक्सप्रेस की तर्ज पर चलने वाली इस ट्रेन को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा 31 जुलाई को हरी झंडी दिखा सकते हैं।

यह ट्रेन बढ़नी-आनंदनगर-गोंडा होते हुए गोरखपुर से गोमतीनगर के बीच चलाई जाएगी। इसका रेक 29 जुलाई तक गोरखपुर पहुंच जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार एनईआर प्रशासन ने गोरखपुर-गोमतीनगर-गोरखपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन का नंबर 15009/15010 निर्धारित किया है।

यह ट्रैन गोरखपुर रेलवे स्टेशन से रात 9.30 बजे रवाना होकर रात 11.53 बजे बढ़नी पहुंचेगी। वहां पांच मिनट रुकने के बाद यह ट्रेन गोंडा होते हुए सुबह 6.05 बजे गोमतीनगर पहुंचेगी।

वापसी में 15010 नंबर की ट्रेन गोमतीनगर से रात 11.20 बजे रवाना होकर सुबह 4.17 बजे बढ़नी पहुंचेगी। वहां 5 मिनट रुकने के बाद यह ट्रेन आनंदनगर होते हुए सुबह 7.50 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

 


Final ReportJuly 25, 2016
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BJP-MP-Adityanathगोरखपुर: दयाशंकर सिंह प्रकरण में अभी तक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हो हल्ला मचा हुआ था। अब इसी कड़ी में गोरखपुर के सदर सांसद योगी आदित्यनाथ भी कूद पड़े है।

उन्होंने प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उप्र पुलिस एक जैसे अपराध के लिए अलग-अलग व्यक्ति पर कार्यवाही का मानक अलग-अलग नहीं बना सकती। पुलिस किसी प्रकरण में पार्टी बनने के बजाए जैसे दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है उसी प्रकार से उन दोषियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए जिन्होंने दयाशंकर सिंह की पत्नी और बेटी के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

उन्होने कहा कि जिस अभद्र भाषा का प्रयोग बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने किया है कोई भी सभ्य समाज इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता। भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह ने मीडिया के माध्यम से माफी भी मांगी थी, पार्टी ने उन्हें निष्कासित भी किया। लेकिन बसपा के नेताओं ने इस प्रकार की कोई माफी नहीं मांगी और बसपा मुखिया ने अभी तक किसी के खिलाफ भी कोई कार्यवाही नहीं की।

योगी ने दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होने जो मुद्दे उठाए हैं उसका समर्थन प्रत्येक व्यक्ति को पार्टी लाईन से ऊपर उठकर करना चाहिए। यह आश्चर्यजनक है कि पुलिस दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है लेकिन जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही है।

योगी ने कहा कि किसी के प्रति व्यक्तिगत चरित्रहरण की टिप्पणी उचित नहीं है लेकिन जो लोग इस प्रकरण को तूल दिए हैं । उन्हें अपने अतीत में भी झांकना चाहिए। कैसे उन्होंने जातीय विष बमन करके सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का कुत्सित प्रयास किया था।

योगी ने कहा कि न्याय सबके साथ हो लेकिन जो किसी के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अगर उ.प्र. सरकार करेगी तो उसका पुरजोर विरोध भी होगा।

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Final ReportJuly 25, 2016
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rape-victim-with-her-familyगोरखपुर: सोमवार को जिला मुख्यालय पर एक अजब दृश्य देखने को मिला। बीते एक माह से दुष्कर्म शिकार युवती न्याय की गुहार लगाते लगाते जब मुकामी पुलिस से थक गई तो जिले के आला अधिकारियों के यहां आज इंसाफ मांगने चली गई। जहां कतार में खड़े खड़े उसकी हालत खराब हो गई और इंसाफ के दरबार की बजाय उसे जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

बता दें की जनपद के बेलीपार थाना क्षेत्र का रहने वाला बिस्तौली खुर्द निवासी 23 वर्षीय गोलू उर्फ सचिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सिटी में बीते कई वर्षों से पेंट पालीस करके जीविकोपार्जन करता था। जहां उसकी नजरें मोहल्ले की ही रहने वाली युवती सीमा से 2-4 हो गई। कुछ दिनों तक दोनों का प्यार पर्दे के पीछे रहा ,जब पास पड़ोसियों की नजर उन पर पड़ी तो मामला सरेआम हो गया। जिसे देखते हुए दोनों परिवारों के गार्जियन ने बच्चों की खुशी देते हुए शादी कर दी ।

शादी के बाद लगभग 7 माह पूर्व गोलू अपनी पत्नी सीमा को लेकर गोरखपुर स्थित अपने पैतृक गांव बिस्तौली खुर्द आया था। गांव में शौचालय की सुलभ स्थिति ना होने के कारण सीमा को शौच निवृत्ति के लिए सुबह शाम घर से बाहर निकलना पड़ता था। जिसे गांव के ही एक कथित नेता देवेंद्र निषाद और उसके भतीजे पिंटू द्वारा मौके बे मौके छेड़ा जाता था ।इसी दौरान पिछले मांह 19 जून को जब सीमा सोच के लिए बाहर गई हुई थी तो उपरोक्त दोनों आरोपियों ने उसे पकड़ कर उसके शारीरिक अंगों से छेड़छाड़ किया । जिसकी शिकायत सीमा ने घर लौट कर अपने पति गोलू उर्फ सचिन से किया।

पत्नी के साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत लेकर जब सचिन ने आरोपियों के घर जाकर उलाहना दिया तो वह इस बात से नाराज हो गए और 21 जून को शाम के वक्त उसके घर में घुसकर मारपीट भी किए। बात यही तक रहती तो कोई गुरेज नही था । अगले दिन 22 जून को शाम के वक्त जब सीमा घर में अकेली बर्तन मांज रही थी तो आरोपियों ने घर में घुसकर उसे उठा लिया और गली में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। जिसकी शिकायत सीमा ने अपने पति के साथ जाकर मुकामी बेलीपार थाने में किया तो पुलिस ने आरोपियों को कुछ देर के लिए हिरासत में ले कर बैठाए रखा और छोड़ दिया।

इस घटना से नाराज कतिपय नेता अपने भतीजे व उसके एक अन्य साथी के साथ 23 जून की रात जब सभी लोग छत पर सो रहे थे और नीचे के कमरे में सीमा और उसका पति अलग-अलग दिशा में सोए थे तो तीनो ने मिलकर सीमा को मुंह दबाकर बालकनी में उठा ले आए और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया । घटना की शिकायत बेलीपार थाना करने पहुंची सीमा को बार-बार दौड़ाया जाता रहा किंतु आज तक उसकी शिकायत को लिपिबद्ध नहीं किया गया है।

जिससे त्रस्त होकर आज सीमा अपने पति के साथ जिले के पुलिस मुखिया एसएसपी के दरबार में पहुंच गई किंतु लंबी लाइन में लगे होने के कारण उसे चक्कर आ गया और वह बेहोश होने लगी। उसकी खराब हालत देखकर बगल में खड़ी कांग्रेस नेत्री सिंगेश देवी ने उसे इलाज हेतु जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

अब ऐसे में देखा जाए तो कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले मुकामीे थानेदार के ऊपर इस तरह की गंभीर घटनाओं को नजरअंदाज करने के लिए पुलिस के मुखिया क्या कार्रवाई करते है।

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Final ReportJuly 25, 2016
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Dayashankar-Mayawati-episodगोरखपुर: दयाशंकर सिंह-मायावती प्रकरण अब राजनितिक गलियारे से निकलकर जातीय संघर्ष की ओर बढ़ना शुरू हो गया है। बसपा नेताओ द्वारा दयाशंकर के परिवार पर की गयी टिपण्णी से आहत अखिल भारतीय सवर्ण एकता मंच व क्षत्रिय समाज अब काफी मुखर हो गया है। सवर्ण समाज बसपा नेताओ के बयान का बदला सोशल मीडिया पर दे रहा है।

गोरखपुर जनपद और मण्डल तथा बस्ती मण्डल के जनपदों से सवर्ण समाज ने समाचार के विभिन्न माध्यमो से अपना विरोध काफी मुखर होकर दर्ज कराया है। रविवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में अखिल भारतीय सवर्ण एकता महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज उर्फ़ लल्लन दुबे ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि आज़ादी के बाद से ही सवर्णो का दमन निरन्तर जारी है। सवर्णो के साथ अत्याचार और नाइंसाफी चरम पर है। सवर्णो के उत्पीड़न का कोई भी मौका राजनैतिक दल छोड़ने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा की ताजा प्रकरण दया शंकर सिंह का है, जिन्होंने महाभ्रष्ट,दलित वोट बैंक की सौदागर मायावती का सच्चाई उजागर करने का प्रयास किया तो जहां उनकी सवर्ण विरोधी पार्टी बीजेपी ने अपना चरित्र जाहिर करते हुए पार्टी से निष्काषित कर दिया,जिसके जिम्मेदार नपुंसक सवर्ण एमपी और एमएलए है जो कभी भी सवर्ण हित में खड़े नही हो सकते।

उन्होंने कहा कि शब्दो की सीमाओं की बात करने वाली बसपा भूल गयी कि उसने सवर्णो को खुलेआम गालियां बकी। दुबे ने कहा कि अब सवर्ण समाज जग चूका है और बीजेपी,सपा,बसपा और कांग्रेस के सवर्ण विरोधी चरित्र से आजिज आ चुका है। मायावती ने दयाशंकर सिंह की पत्नी,बच्चो को अपमानित करने व् हत्या का षडयंत्र रचने का कुत्षित प्रयास किया है।यदि इनकी गिरफ्तारी एक सप्ताह के भीतर नही हुई तो महामंच आंदोलन को बाध्य होगा।

इसी प्रकरण पर सोशल मीडिया पर क्षत्रिय समाज काफी मुखरित होकर बसपा के विरोध में उतर आया है। बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे क्षत्रिय प्रत्याशियों के विरोध में समाज के आने के बाद अब तमाम फेसबुक पोस्ट्स में मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट आना शुरू हो गया है। कहा गया है कि फूलन देवी का हश्र याद कर लो।

सोशल मीडिया पर बस्ती मण्डल के सिद्धार्थनगर जनपद से Rajputana siddarth nagar के फेसबुक पर तो बेहद ही आपत्तिजनक पोस्ट पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर हुए हैं। इसमें बसपा सुप्रीमों पर चारित्रिक टिप्पणी तक कर दी गई हैं। वहीं स्वाति सिंह को असली क्षत्राणि बताया गया है।

फेसबुक पोस्ट कुछ इस तरह है (आपत्तिजनक शब्दों को हटा कर यहां दिया गया है) …

दयाशंकर सिंह की बेटी मांग माँग रहे है !
मैं उन…….को चेलैंज करता हूँ

ओ सिध्द करे की मायावती अभी तक कुंवारी है ?
ओ सिद्ध करें की मायावती अभी तक किसी के साथ ह…नहीं हुई !
मैं दयाशंकर सिंह का सपोर्ट नहीं करता हूँ !पर मायावती के लिए जो भी कहा ओ गलत था !
पर किसी …की हिम्मत है !

तो दयाशंकर के बेटी को हाथ लगाकर दिखाये !

हम क्षत्रिय समाज उन भ…को ”नपुंसक” नहीं बनाया तो ……
फूलन देवी का क्या हश्र हुआ था
याद कर लेना !
एक शेर सिंह राणा जेल के अंदर है पर कई शेर अभी भी बाहर है !

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Final ReportJuly 24, 2016
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Wife-of-ex-BJP-leader-Swatiगोरखपुर(राकेश मिश्र): भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्य्क्ष दयाशंकर सिंह के द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए प्रयोग किये गए अपशब्दों के बाद भगवा पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई होती नजर आ रही है। दयाशंकर पर पलटवार करते हुए बसपा नेता नसीमुद्दीन के बयान और उसके बाद दयाशंकर की पत्नी के जोरदार जबाब ने भाजपा को इस मुद्दे पर एक नयी संजीवनी दे दी है।

दयाशंकर सिंह द्वारा मायावती के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में बृहस्पतिवार को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर हुए प्रदर्शन में बसपाइयों ने दयाशंकर के पूरे परिवार पर जम कर हमला बोला और ‘पत्नी-बेटी पेश करो’ जैसे नारे लगाए।

जिसके जबाब में दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने मायावती से पूछा है की वो बताये मैं अपनी बेटी कहाँ पेश करूं। स्वाति सिंह ने कहा की टीवी पर नारे सुनकर उनकी 12 वर्षीया स्कूल में पढ़ने वाली बेटी सदमे में चली गई है। उन्होंने कहा की वो टीवी पर क्लिपिंग्स देखने के बाद लगातार रो रही है।

उन्होंने कहा की वो बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ उनको और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना देने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी। उन्होंने पूछा की यदि उनको या उनके परिवार को कुछ हो गया तो क्या मायावती जिम्मेदारी लेंगी?

मौके की नजाकत को भांपते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या के आहवान पर सभी जिला मुख्यालयो पर ‘बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में’ के अंतर्गत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। केशव प्रसाद मोर्या के नेतृत्व में बीजेपी के सभी प्रदेश पदाधिकारी राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर नसीमुद्दीन सिद्धिकी के खिलाफ ज्ञापन भी देंगे। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी करेंगे। बीजेपी को लगता है अभी चुनाव दूर है इसलिए दयाशंकर सिंह के बयान की भरपाई नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बयान से की जा सकती है।

वैसे इस मुद्दे का राजनितिक लाभ कौन लेता है ये तो वक़्त ही बताएगा लेकिन शुरुवाती लाभ के बाद इस मुद्दे पर बसपा पिछडती नजर आ रही है।

एक बात और गौर करने की है इस मुद्दे ने भाजपा को एक नया नेता भी दे दिया है और वो हैं दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह। दयाशकंर सिंह की पत्नी ने जिस तरह से नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आपत्तिजनक बयान पर आक्रामक रुख इख्तियार कर उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है उससे बीजेपी खुश है।

सूत्रों की मानें तो, पार्टी अगले साल होने विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी को टिकट देने पर विचार कर सकती है। उनकी पत्नी ठाकुर बाहुल्य बालियां सीट से बीजेपी के लिए एक सशक्त उम्मीदवार हो सकती हैं। जिस तरह उन्होंने मायावती और बसपा के खिलाफ मोर्चा खोला है उससे उनकी एक मजबूत छवि तो सामने आयी ही है महिला होने के नाते उनको सहानभूति के भी वोट मिल सकतें हैं।

गौरतलब है की दयाशंकर बालियां से बीजेपी के टिकेट पर 2007 में चुनाव लड़ चुकें हैं और उस चुनाव में वो 5वे नंबर पर थे। पार्टी ने उन्हें 2012 में टिकट तो नहीं दिया लेकिन विगत एमएलसी चुनाव में पार्टी ने द्वितीय वरीयता का उम्मीदवार घोषित किया था। पार्टी कार्यकारिणी में उन्हें प्रदेश का उपाध्य्क्ष भी बनाया गया था और पार्टी दयाशंकर के बल पर पूर्वांचल में ठाकुर वोटों को अपनी तरफ लुभाने की पुरजोर कोशिश करती दिखा रही थी।

जब कुछ ठीक चल रहा था ऐसे में दयाशंकर सिंह को बसपा की प्रमुख और राज्यसभा सांसद मायावती पर विवादास्पद बयान देना भारी पड़ा। बीजेपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया। दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंगलवार को कहा जो सपना काशीराम ने देखा था, उसे मायावती चूर-चूर कर रही हैं। मायावती दिन में जो टिकट एक करोड़ का बेचती हैं, वही टिकट अगर कोई दो करोड़ का चाहे तो उसे दे देती हैं। उनका चरित्र एक वेश्या की तरह है। बसपा अब समाप्त हो रही है। विधानसभा चुनाव में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

बसपा सुप्रीमो मायावती पर उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की अमर्यादित टिप्पणी पर चौतरफा लानत-मलानत होने से पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने तुरंत आगे आकर दयाशंकर के बयान के लिए माफी मांगी।

लेकिन जिस तरह से दयाशंकर के विरोध में बसपाइयों ने स्वाति सिंह और उनकी 12 वर्षीया बेटी के लिए शब्दो का प्रयोग किया उससे इस मुद्दे का वर्तमान राजनितिक लाभ भाजपा लेती नजर आ रही है और यदि पार्टी 2017 के विधान सभा चुनाव में स्वाति सिंह को टिकट देकर एक दावं खेलती है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

बसपा सुप्रीमो मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी से भाजपा की फजीहत, पार्टी ने नेता को पद से हटाया

पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी ने बसपाईयों से पूछा, कहाँ पेश करूँ अपनी बेटी

बीजेपी ने नसीमुद्दीन के पुतले की पिटाई तो बीएसपी ने पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह को बनाया गधा

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Final ReportJuly 23, 2016
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UP-Ki-Kahaniya-1गोरखपुर: कहानियां हर दौर में लिखी, पढ़ी और सुनी जाती रही हैं। कहानियों के जरिए हर मुश्किल बात आसानी से समझायी जा सकती हैं। प्रदेश सरकार ने इसे अच्छी तरह समझा और देश का पहला ऐसा राज्य बनने का गौरव हासिल किया। पहली बार नागरिकों तक जनोपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए कहानियों जैसे सशक्त माध्यम का सहारा लिया गया हैं।

उप्र सरकार ने जनता तक योजनाओं को पहुंचाने का आसान, दिलचस्प अंदाज निकाला हैं । प्रदेश सरकार द्वारा जिलों की कहानियां पढ़वाई जा रही हैं। योजनाओं को मनोरंजक रुप से बयान किया जा रहा हैं वह भी नि: शुल्क। पूरी किताब तैयार कराई गयी हैं। जिसका नाम दिया गया है यूपी की कहानियां और उप शीर्षक है बदलते उप्र की कहानियां।

UP-Ki-Kahaniyaप्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित

296 पन्नों की पुस्तक में 47 कहानियां हैं। पुस्तक का दबीचा (संपादकीय) लिखा है खुद सीएम अखिलेश यादव ने। सीएम कहानियों की उपयोगिता के बारे में लिखते है कि इसका मकसद सिर्फ प्रदेश सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना हैं।

मुख्यमंत्री लिखते है कि रेडियों पर यूपी की कहानियों का सफर लगातार चल रहा हैं, बहुत सारे दोस्तों ने इसे किताब की शक्ल में पहुंचाने की राय दी, तो लीजिये हो गयी किताब तैयार। अब आपके हाथ में इसे सौंप रहा हूं, ताकि खुद पढ़े दूसरों को सुनायें। इस किताब को प्रकाशित किया सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग उप्र ने प्रकाशित किया है।

UP-Ki-Kahaniya-2किताब में गोरखपुर व महराजगंज की भी कहानियां हैं

कहानियों में प्रदेश की धर्म, संस्कृति, अदब, बोल-चाल, वेशभूषा, रहन-सहन आदि को बेहद दिलचस्प व नजाकत से बयान किया गया हैं । जहां गंगाघाट है ,वहीं फिरोजाबाद की चूड़ियों की खनक हैं , कहीं संगम है तो, कहीं लखनऊ की नजाकत हैं।

कहानियां दिलचस्प है अपना देश,बिटिया रानी, ईद मबारक, रुहानी, वतन, इत्र नगरी, कानपुर जिन्दाबाद, खनक चूड़ियों की, जायका, जुनैब का रामपुर, दुआओं की कालीन, बरेली का बाजार, फूलों की महक,तीर्थ यात्रा, हसरतें सहित अन्य कहानियां रोचक हैं। इस किताब में जिलें की खास मशहूर चीजों के जरिए योजनाओं को सलीके से जानकारी के धागे में पिरोया गय है। एक बार कहानी शुरु हुई तो खत्म होने तक दिलचस्पी बरकरार रहेगी।

इसमें महराजगंज की लिखी कहानी का नाम हैं हसरतें, लिखा हैं जमशेद कमर सिद्दीकी ने । वहीं गोरखपुर की कहानी तीर्थ यात्रा लिखी है शिखा द्विवेदी ने। कहानी रोचक है कहानी लिखने में प्रदीपिका, शिखा, जमशेद, पूजा, हर्षलता,अनुलता, अरविंद, शबनम, वृषाली आदि ने महती भूमिका निभायी हैं।

जनता तक पहुंचाने का जिम्मा जिले के सूचना विभाग को सौंपा गया हैं । आशा है जल्द ही यह किताब आपके हाथों में होगी बशर्ते जिले का सुचना विभाग अपने कच्छप आवरण से बाहर निकलकर शासन से आयी किताबो को दफ्तर के स्टोर रूम की शोभा सामग्री न बनाकर इसका वितरण शुरु करा दे।

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Final ReportJuly 23, 2016
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BJP,-BSP-stage-protest-agaiगोरखपुर: दयाशंकर सिंह के खिलाफ जहा विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है तो वही अब बीजेपी भी पूर्व भाजपा नेता की पत्नी और बेटी के खिलाफ बसपाइयों द्वारा प्रयोग किये गए अपशब्दों के खिलाफ मैदान में उतर चुकी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या के आहवान पर सभी जिला मुख्यालयो पर ‘बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में’ के अंतर्गत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया तो वही शनिवार को उसी क्रम में गोरखपुर के अम्बेडकरवादी छात्रसभा ने दयाशंकर सिंह को गदहे का रूप देकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज किया।

BJP-stages-protest-against-बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बारे में अभद्र टिप्पणी करने और उसके बदले में धरने के दौरान बीएसपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से दयाशंकर की बेटी और बहन के बारे में अशोभनीय नारेबाजी को बीजेपी ने मुद्दा बना लिया है।

बीजेपी इस मामले में बीएसपी के खिलाफ आज यूपी के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर दयाशंकर की बेटी और बहन के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले बीएसपी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग की।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को भाजपाई क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र दत्त शुक्ल की अगुवाई में कलेक्ट्रट पहुंच कर बसपा मुखिया मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ नारेबाजी कर की मांग किया की दयाशंकर सिंह की पत्नी और बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाये।

उन्होंने दयाशंकर सिंह के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाने की भी मांग की। भाजपाइयों ने प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी प्रशासन के माध्यम से भेजा।

बता दें कि बीजेपी के सैकड़ों की संख्या मे कार्यकर्ता आज पुरे प्रदेश में सडको पर है। कारण है, बीएसपी के नेताओं के तीखे बोल। पिछले कुछ दिन पहले बीजेपी के एक नेता दयाशंकर ने मायावती को लेकर एक टिप्पणी की थी। जिस की आलोचना करते हुए पार्टी ने दयाशंकर सिंह को 6 साल के लिए निष्काषित भी कर दिया।

हलाकि दयाशंकर सिंह के विवादित बयान के बाद राजनीती गर्म हो गयी, और बसपा के हजारो समर्थक और नेता सहित कार्यकर्ता सडको पर आ गए। दयाशंकर के निष्काशन के बाद भी बीएसपी का गुस्सा नहीं थमा और लगातार इसको लेकर बयान बाजी सामने आती रही।

हद तो तब हो गई, जब बीएसपी के क्द्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्धकी और उनके कई नेताओं ने अपशब्दों की लड़ी लगा दी। नासीमुदीन सिद्दी्की ने बीजेपी से निष्काषीत दयाशंकर के पत्नी और बेटी को लेकर इस तरह से अभद्र टिप्पडी की, कि इन्शानियत भी शर्म सार हो गई, और उसके बाद उनके परिवार के लोगो ने नसीमुदीन सिद्दीकी के खिलाफ लखनऊ के एक थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अप्लिकेशन भी दिया है।

BSP-protest-against-Dayashaबीएसपी ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर जताया विरोध

बसपा सुप्रीमो मायावती पर आपत्ति जनक टिप्पणी करने वाले भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की मुश्किले कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। प्रदेश में रोज कोई ना कोई विरोध उनके बयान को लेकर चल रहा है। शनिवार को उसी क्रम में गोरखपुर के अम्बेडकरवादी छात्रसभा ने दयाशंकर सिंह को गदहे का रूप देकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज किया।

गोरखपुर अम्बेडकरवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने अमर सिंह पासवान के नेतृत्व में दीवानी कचहरी स्थित अम्बेडकर चौक पर गदहे पर दयाशंकर बीजेपी लिखी तख्तियों को लगाकर जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए और लोगो को जानकारी भी दी की गोरखपुर में दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वही इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर अम्बेडकरवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अमर सिंह पासवान ने बताया की प्रदेश में आयरन लेडी के नाम से जानी वाली बहन कुमारी मायावती जी के खिलाफ दयाशंकर सिंह के अपशब्दों का उत्तर प्रदेश में दलित समाज, ओबीसी व दबे कुचले लोग इस कृत्य का विरोध करते है।

उन्होंने कहा की दयाशंकर जैसे दलित विरोधी नीतियों वाले लोग को भारत में नहीं रहना चाहिए ये मानव से मानव को बाटने का काम करते है। जिसका हमसभी मिलकर विरोध करते है और आगे भी करते रहेंगे।

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Final ReportJuly 22, 2016
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गोरखपुर: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोरखपुर में एम्स और फ़र्टिलाइज़र कारखाने की आधारशिला रखी। मोदी ने गोरखनाथ मंदिर पहुँच कर ब्रह्मलीन महन्त अवैद्यनाथ की मूर्ति का भी अनावरण किया।

प्रधान मंत्री सुबह 10:45 मिनट पर एयरपोर्ट पर उतरे जहाँ उनकी अगुवानी मुख्य मंत्री अखिलेश यादव और गवर्नर राम नाईक ने किया। मोदी का काफिला एयरपोर्ट से सीधे गोरखनाथ मंदिर के लिए गया।

जब मोदी का काफिला मंदिर के लिए जा रहा था तो उस समय एक अवांछित मेहमान घुस गया। हलाकि उस मेहमान से न तो काफिले की गति पर कोई असर पड़ा और ना ही सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट आयी हा इतना जरूर रहा की देखने वालों के लिए कुछ देर वो मनोरंजन का साधन जरूर बन गया।

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