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GFR DeskNovember 19, 2017
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गोंडा: मानसिक तौर से कमजोर होने के कारण जिस बेटे को मां 40 साल तक पालती रही, उसी कलयुगी बेटे ने बंद कमरे में 75 वर्षीय मां को कुल्हाड़ी से काट डाला।

मां की हत्या करने के बाद बेटा रातभर मां के शव के पास बैठा रहा. शनिवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर मां के बड़े बेटे ने गांव वालों के सामने दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर का नजारा देख कर सभी दंग रह गए।

ये मामला गोंडा जनपद के इटियाथोक कोतवाली के नरोरा भरार्पुर गांव का है. जहां पर एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी और फरार हो गया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी दिमागी तौर पर कमजोर बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इटियाथोक कोतवाली के नरोरा भर्रापुर निवासी रामकली (दिवंगत राममिलन की पत्नी) का छोटा बेटा भगवानदीन दिमागी रूप से कमजोर है। शुक्रवार देर शाम भगवानदीन ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मां को मौत के घाट उतार दिया।

घरवाले शनिवार तड़के एक धार्मिक कार्यक्रम से लौटे तो इसकी जानकारी हुई। आरोपी भगवानदीन वहां से भाग गया। शनिवार सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर परिवार सहित आसपास के लोगों से जानकारी लेनी शुरू की।

उसी समय भगवानदीन भी हाथ में कुल्हाड़ी लिए पहुंच गया. मौके पर मौजूद पुलिस उसे पकड़कर कोतवाली ले आई. कोतवाली प्रभारी डी.पी. सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी भगवानदीन को गिरफ्तार कर भाई रामराज की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

 


GFR DeskNovember 18, 2017
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लखनऊ: भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के तहत राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को वाणिज्य विभाग के पांच और पुलिस महकमे की तीन अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया। ये सभी अयोग्य व दागी अधिकारियों की स्क्रीनिंग में चिह्नित थे।

पिछले दिनों कई और विभागों के दागी अफसरों पर भी कार्रवाई हो चुकी है, जबकि शेष अन्य विभागों के ऐसे अफसरों को भी जल्द ही जबरन रिटायर किया जाएगा।

पचास साल से ऊपर के अधिकारियों की स्क्रीनिंग के तहत सरकार ने गुरुवार को जिन अधिकारियों को हटाने का फैसला किया उनमें वाणिज्य विभाग के निलंबित असिस्टेंट कमिश्नर-ग्रेड-2 केशव लाल भी शामिल हैं।

जिनके घर से आयकर विभाग ने करोड़ों की संपत्ति बरामद की थी। वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी केशव लाल के ऊपर आय से अधिक आमदनी के आरोप हैं। स्क्रीनिंग में उनका नाम सबसे ऊपर था। कई और नामों को शामिल करते हुए विभाग ने सूची शासन को भेजी थी।

इसके बाद वाराणसी में तैनात ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. अनिल कुमार अग्रवाल, नोएडा में ज्वाइंट कमिश्नर हरीराम चौरसिया, सुलतानपुर में डिप्टी कमिश्नर कौशलेश और वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर इंद्रजीत यादव को सेवानिवृत्त किया गया है। विभागीय अपर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि इन अधिकारियों की खराब वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया कि इन्हें सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है।

तीन डिप्टी एसपी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति : इसी क्रम में सेवा काल में कई बार दंडित हो चुके तीन डिप्टी एसपी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। जल्द कुछ अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की अध्यक्षता में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के 434 अधिकारियों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसके बाद बहराइच में सीओ मैसी के पद पर तैनात डिप्टी एसपी केश करन सिंह, लखनऊ क्राइम ब्रांच में तैनात डिप्टी एसपी कमल यादव व पीटीसी मुरादाबाद में तैनात डिप्टी एसपी श्योराज सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि तीनों अधिकारियों को उनके सेवाकाल में लगातार कई दंड मिले हैं जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

आइपीएस की स्क्रीनिंग कमेटी गठित : शासन आइपीएस अधिकारियों की भी स्क्रीनिंग जल्द करेगा। मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में आइपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर दी गई है। समिति में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह व उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित पांच सदस्य शामिल हैं।

केशव के घर से मिले थे 11 करोड़ रुपये 
वाणिज्य कर विभाग के एडीशनल कमिश्नर केशव लाल की कानपुर में तैनाती के दौरान उनके आवास से गत अप्रैल में आयकर अधिकारियों ने 11 करोड़ रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा आठ किलो सोने के जेवर, दो किलो बुलियन तथा सात संपत्तियों के कागजात मिले थे। उसके बाद ही उन्हें निलंबित कर लखनऊ में अपर निदेशक (प्रशिक्षण) कार्यालय से संबंद्ध कर दिया गया था। छापे में एक तथ्य यह भी उभर कर आया था कि उनकी पत्नी एक सॉफ्टवेयर कंपनी की मालकिन हैं।

बीएसए स्तर के आठ अफसर जबरन किये जाएंगे रिटायर
बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर (समूह ‘ख) के आठ अफसरों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश की गई है। यह वे अधिकारी हैं जिन्हें पहले वृहद दंड मिल चुका है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के इन अफसरों में से कुछ निलंबित हैं और कुछ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में व अन्यत्र तैनात हैं।

अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी की गुरुवार को हुई बैठक में शिक्षा सेवा समूह ‘ख के 171 अफसरों के सर्विस रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। अभिलेखों की जांच परख के बाद स्क्रीनिंग कमेटी ने इनमें से आठ अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए शार्टलिस्ट किया। स्क्रीनिंग कमेटी ने अपनी सिफारिश मुख्य सचिव राजीव कुमार को भेजी है। उनके माध्यम से फाइल मुख्यमंत्री को जाएगी।


GFR DeskNovember 14, 2017
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लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद हो रहे निकाय चुनाव में योगी के दमखम और जनता के बीच उनके विश्वास को लेकर कड़ी परीक्षा होनी है।

योगी ने भी पार्टी को जीत दिलाने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है। वह अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मंगलवार को राम की नगरी अयोध्या से करेंगे।

भाजपा का संकल्पपत्र जारी करने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में मोड़ने की तैयारी कर ली है।

मुख्यमंत्री निकाय चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट देने की अपील वाली सभाएं विभिन्न जिलों में करेंगे। इसकी शुरुआत वह 14 नवंबर को अयोध्या करेंगे।

अयोध्या में मंगलवार को सभा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी गोंडा और बहराइच में भी लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद 15 नवंबर को कानपुर, 16 नवंबर को अलीगढ़, मथुरा व आगरा, 17 नवंबर को इलाहाबाद, 18 नवंबर को मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद के बाद 19 नवंबर को गाजीपुर और देवरिया में मुख्यमंत्री की सभाएं होंगी।

योगी 20 नवंबर को बलरामपुर, बस्ती के बाद गोरखपुर जाएंगे। 21 नवंबर को उनकी सभाएं जौनपुर, बलिया और मऊ होंगी।

योगी आदित्यनाथ 22 नवंबर को वाराणसी और 23 नवंबर को शाहजहांपुर, फरुखाबाद व कन्नौज, 24 नवंबर को झांसी, फतेहपुर और लखनऊ, 25 नवंबर को बाराबंकी, लखीमपुर व बरेली, 26 नवंबर को मुरादाबाद, मंगलवार को अयोध्या में सभा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी गोंडा और बहराइच में भी लोगों को संबोधित करेंगे।


GFR DeskNovember 14, 2017
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लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ व आसपास के जिलों में सोमवार सुबह कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही कोहरे का असर कम होगा और धूप निकलेगी।

उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता के अनुसार सोमवार को दिन में धूप निकलेगी, लेकिन तापमान में एक डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जाएगी। रात के तापमान में भी पहले की तुलना में गिरावट दर्ज की जाएगी। अगले सप्ताह से ठंड में और इजाफा होगा।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को लखनऊ का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किये जाने का अनुमान है।

लखनऊ के अतिरिक्त सोमवार को गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री, कानपुर का 22 डिग्री, इलाहाबाद का 23.4 डिग्री, बनारस का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


GFR DeskNovember 12, 2017
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गोरखपुर: नवाबगंज नगर पालिका सीट पर पार्टी द्वारा उनकी पसंद के प्रत्याशी की उपेक्षा के कारण अब कैसरगंज संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने नाराज होकर बगावत का ऐलान कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तर्ज पर शुक्रवार (10 नवंबर) की शाम ‘गोण्डा की जनता से मन की बात’ कार्यक्रम में उन्होंने ऐलान कर दिया कि कि वह नवाबगंज नगर पालिका के लिए पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी का खुलकर विरोध करेंगे। चाहे इसका खामियाजा मुझे लोकसभा की सदस्यता गंवाकर ही क्यों न चुकाना पड़े।

भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शुक्रवार की शाम अपने संसदीय कार्यालय परिसर ‘गोनार्द लॉन’ में शहर की जनता से बात करने के लिए ‘मन की बात’ कार्यक्रम आयोजित किया था। समर्थकों से खचाखच भरे पाण्डाल में सांसद जब बोलने के लिए खड़े हुए तो बेहद भावुक हो गए। उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर संगठन पर करारा आरोप मढ़ा।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि टिकट बंटवारे को लेकर हमसे (पिता-पुत्र) संगठन ने एक बार चर्चा तक नहीं की। पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया गया। ऊपर तक सही बात नहीं पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि मैंने अपने गृह क्षेत्र नवाबगंज में पार्टी का प्रत्याशी उतार दिया है। भले ही उसे पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं मिला है।

सांसद ने कहा कि नवाबगंज में पार्टी ने जिसे प्रत्याशी घोषित किया है, वह बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं की भी बहुत करीबी रही हैं और उनके समय में भी अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनकी सगी देवरानी को समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है।

उन्होंने कहा कि नवाबगंज में पार्टी इतनी कमजोर नहीं है कि उसे अपना प्रत्याशी न मिले। सांसद ने कहा कि अंजू सिंह और उनका परिवार न तो कभी पार्टी का प्राथमिक सदस्य रहा और न ही पार्टी से टिकट मांगा। ऐसे व्यक्ति को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं था।

सांसद ने कहा कि इसलिए मैंने नवाबगंज में पार्टी के वफादार कार्यकर्ता का नामांकन करवाकर उसे प्रत्याशी बना दिया है। उसी की मदद करूंगा और पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी का विरोध करूंगा। चाहे इसका खामियाजा मुझे लोकसभा की सदस्यता गंवाकर ही क्यों न चुकाना पड़े।

सांसद ने आरोप लगाया कि संगठन ने ऐसे लोगों को टिकट दिया जो हमारे चुनावों में विरोध कर रहे थे। कैसरगंज संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत गोण्डा जिले में दो नगर पालिका नवाबगंज व कर्नलगंज तथा दो नगर पंचायत कटरा बाजार व परसपुर होने के बावजूद हमारे एक भी समर्थक को टिकट नहीं दिया गया। क्या संगठन ने यही तय किया था कि सांसद जी के साथ रहने वालों को टिकट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मैं जो करता हूं, डंके की चोट पर करता हूं। कभी उसके कीमत की परवाह नहीं करता।

सांसद ने कहा कि गोण्डा की राजनीति में मैं बिछावन कभी नहीं रहा। महफिल हूं और महफिल रहूंगा। यदि मुझे महफिल से उठाया गया तो फिर वह महफिल, महफिल नहीं रहेगी। उन्होंने एक कविता के माध्यम से अपनी बात कही:

किससे मन की बात करूं मैं?
सुनने को तैयार कौन है, फुर्सत किसको कितनी है?
लगे हुए सब अपने-अपने, सबको अपनी-अपनी है।
बनकर मूक मेघ सा कब तक, बोलो बज्राघात सहूं मैं?
किससे मन की बात करूं मैं।


GFR DeskNovember 11, 2017
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में तीन चरणों में होने वाले निकाय चुनाव के लिए मतदान के वास्तविक दिन के लिए सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सभी दुकानें और वाणिज्यिक अधिष्ठान भी बंद रहेंगे। यह अवकाश उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 की धारा-3 की उप धारा-3 के अधीन होंगे।

अपर मुख्य सचिव (श्रम) राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 में मतदान (जनपद कैशांबी की नगर पालिका परिषद भरवारी को छोड़कर) 3 चरणों में निर्धारित हैं।

अधिनियम की धारा-8 के उपबंधों के प्रवर्तन से इस शर्त के अधीन रहते हुए, लोकहित में यह छूट प्रदान की गई है कि यदि मतदान का वास्तविक दिन उस जनपद/क्षेत्र में जिसमें कोई दुकान या वाणिज्यिक अधिष्ठान स्थित है, ऐसी दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान द्वारा मनाए जाने वाला सामान्य साप्ताहिक छुट्टी का दिन नहीं है, तो मतदान का वास्तविक दिन बंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

तिवारी ने बताया कि नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 के मतदान प्रथम चरण 22 नवंबर को जनपद शामली, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, बदायूं, हाथरस, कासगंज, आगरा, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, अमेठी, फैजाबाद, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, आजमगढ़, गाजीपुर एवं सोनभद्र में होंगे।

इसी क्रम में द्वितीय चरण 26 नवंबर को जनपद मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, फरु खाबाद, इटावा, ललितपुर, बांदा, इलाहाबाद, लखनऊ, सुलतानपुर, अम्बेडकर नगर, संतकबीर नगर, बहराइच, श्रावस्ती, देवरिया, बलिया, वाराणसी तथा भदोही में मतदान होंगे।

उन्होंने बताया कि तृतीय चरण 29 नवंबर को जनपद सहारनपुर, बागपत, बुलंद शहर, मुरादाबाद, सम्भल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुरखीरी, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चंदौली, जौनपुर एवं मिर्जापुर में मतदान होंगे।

उन्होंने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों/जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कारखानों, व्यापारिक अधिष्ठानों आदि में कार्यरत समस्त कार्मिकों को मतदान का उपर्युक्त अवसर प्रदान करते हुए इन मतदान दिवसों को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।


GFR DeskNovember 9, 2017
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नीति आयोग के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुलाकात की। मुलाकात के दौरान योगी सरकार ने नौ क्षेत्रों में पिछले सात महीने में किए गए कार्यो का एक प्रेजेंटेशन आयोग के सामने रखा।

आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने योगी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि राज्य सरकार जिस ‘टीम भावना’ के साथ काम कर रही है, वैसा बहुत कम देखने को मिलता है।

लखनऊ स्थित शास्त्री भवन में मुख्यमंत्री ने नौ विभागों की एक सामूहिक बैठक की, जिसमे नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने भी शिरकत की थी।

बैठक के बाद आयोजित एक पत्रकार वार्ता में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. कुमार के साथ सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह एवं मुख्य सचिव राजीव कुमार सहित नौ विभागों के प्रमुख सचिव भी मौजूद रहे।

इस मौके पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने योगी सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले सात महीने में आयोग के प्रतिनिधिमंडल का यह दूसरा दौरा है। सरकार के कामकाज से हम संतुष्ट है। सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे हम कह सकते हैं कि उप्र विकास के पथ पर चल पड़ा है।

राजीव ने कहा, “सरकार के साथ बैठकर हमने उप्र के नौ क्षेत्रों में विकास की योजनाओं पर चर्चा की है। कुछ कमिया हैं, जो जल्द ही दूर की जाएंगी। हर राज्य की परिस्थतियां अलग होती हैं। हमारा प्रयास है कि सबके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ा जाए।”

उन्होंने कहा, “उप्र के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता, इसीलिए उप्र हमारी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।”

इससे पहले, सिद्धार्थनाथ ने कहा कि दूसरी बार नीति आयोग ने यूपी में बैठक की है। प्रदेश के विकास को लेकर प्रधानमंत्री भी काफी संजीदा हैं। बैठक में प्रमुख रूप से आठ समूह बनाए गए हैं, जिसमें 9वें सदस्य के रूप में शहरी विकास को राज्य सरकार ने जोड़ लिया है। शहरी विकास को इसमें जोड़ना भी जरूरी था।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “अब एक टीम बन गई है और मैं कह सकता हूं कि यूपी अब चल पड़ा है। समूह की तिमाही समीक्षा होगी। नीति आयोग उसमे चौथे सहभागी के रूप में शमिल रहेगा। जनवरी तक सभी तैयारी पूरी कर लेंगे और उसमें पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे।”


GFR DeskNovember 9, 2017
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लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव एवं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने निकाय चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर कहा है कि पार्टी ने जीतने की क्षमता के आधार पर ही टिकट बांटे हैं और उन्हें उम्मीद है कि निकाय चुनाव में पार्टी को शानदार सफलता मिलेगी।

पंकज सिंह ने कहा, “निकाय चुनाव को लेकर पार्टी ने काफी सोच समझकर टिकट दिया है। जीतने की क्षमता के आधार को ध्यान में रखकर जिताऊ प्रत्याशियों पर ही दांव लगाया गया है। पार्टी को इसका फल भी मिलेगा।”

पंकज सिंह से यह पूछे जाने पर कि निकाय चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है। टिकट के दावेदार कई होते हैं, लेकिन मिलता किसी एक प्रत्याशी को ही है।”

उन्होंने कहा, “बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जहां एक बार प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी कार्यकर्ता जी-जान से पार्टी को जीताने में लग जाते हैं। कार्यकर्ता हमेशा पार्टी के हित के बारे में ही सोचते हैं। इस बार भी ऐसा ही होगा।”

गाजियाबाद से विधायक पंकज सिंह को निकाय चुनाव में बरेली का प्रभारी बनाया गया है। निकाय चुनाव में सहयोगी दलों की खिलाफत पर उन्होंने कहा, “सभी दलों की अपनी राजनीति है और उनका अपना नजरिया है। वह साथ लड़ते हैं या अलग लड़ते हैं, यह पार्टी के वरिष्ठ लोगों को तय करना था। मुझे नहीं पता कि बैठक में क्या हुआ।”

पार्टी के राज्य महासचिव से यह पूछने पर कि आपको यह नहीं लगता कि सहयोगी दलों के अलग चुनाव लड़ने से ठीक महाराष्ट्र जैसी स्थिति पैदा हो गई है? सरकार में सहयोगी दल आपके साथ हैं और चुनाव में अब अलग लड़ रहे हैं, पर उन्होंने कहा, “मैंने कहा न कि यह पार्टी के वरिष्ठ लोगों के बीच की बात है। यह उन्हें तय करना था। सभी पार्टियां अपनी परिस्थितियों और रणनीति के आधार पर ही चुनाव मैदान में जाती हैं।”

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी निकाय चुनाव में कोई घोषणापत्र भी ला रही है, इस पर उन्होंने कहा, “हर क्षेत्र की परिस्थतियां और चुनौतियां अलग-अलग होती हैं। इसको लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन हम इतना ही कह सकते हैं कि हर क्षेत्र में विकास होना चाहिए और वहां की बुनियादी जरूरतें पूरी होनी चाहिए।”

पार्टी के खिलाफ चुनाव में उतरने वाले कार्यकर्ताओं पर क्या कार्रवाई होगी? इस सवाल को लेकर पंकज सिंह ने कहा कि यह पार्टी तय करेगी कि क्या कदम उठाया जाए, लेकिन निश्चित तौर पर पहले उनको समझाने का प्रयास किया जाएगा और हमे उम्मीद है कि ऐसा करने वाले कार्यकर्ता मान जाएंगे और पार्टी को जिताने में अपनी भमिका अदा करेंगे।


GFR DeskNovember 3, 2017
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग एक तरफ जहां बदहाली का शिकार है वहीं दूसरी ओर वह डॉक्टरों की भारी कमी से भी जूझ रहा है। उप्र के स्वास्थ्य मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए पिछले छह महीने में कई तरह की पहल की है।

इनमें सबसे रोचक बात यह है कि उप्र में अब डॉक्टरों की नियुक्ति ओपन बिडिंग के जरिये की जाएगी। डॉक्टरों की यह नियुक्ति दो साल के लिए अनुबंध के आधार पर होगी।

सिद्घार्थनाथ सिंह ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में विभाग की तरफ से पिछले छह महीनों में उठाए गए कदमों और उनके असर को लेकर विस्तार से बातचीत की।

उन्होंने कहा, “देश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब डॉक्टरों की बोली लगाई जाएगी। हमारी कोशिश है कि डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जाए। इसी दिशा में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर सर्वप्रथम 28 जिलों में इसकी शुरुआत की गई है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमने ऑनलाइन बिडिंग के जरिए आवेदन मांगा है। इसमें प्राइवेट डॉक्टर आवेदन कर सकते हैं। इसमें उन्हें अपने वेतन का जिक्र करना होगा। हम उस डॉक्टर का चयन करेंगे जिसका वेतन सबसे कम होगा। इनका चयन दो वर्ष के लिए अनुबंध के आधार पर होगा। इस प्रक्रिया से हम चिकित्सकों की कमी को काफी हद तक दूर कर सकते हैं।”

एक सवाल के जवाब में सिद्घार्थनाथ सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने की कोशिश जारी है। हम योजनाबद्घ तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्िंटग को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में इसने एक उद्योग का रूप ले लिया था। पिछले छह महीनों के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग की खबर कभी भी अखबारों की सुर्खियां नहीं बनी हैं। नियुक्ति को लेकर हमने पूरी पारदर्शिता बरती है।

स्वास्थ्य मंत्री से यह पूछे जाने पर कि उप्र में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? उन्होंने कहा कि एक बात समझने की जरूरत है कि उप्र की शिशु मृत्यु दर हिंदुस्तान में सबसे कम है। इसका कारण यह नहीं है कि बीआरडी में देखरेख नहीं हो रही है। दिक्कत यह है कि शिशुओं की अच्छी तरह से देखभाल और उनका सही पोषण नहीं हो पाता है। पौष्टिक आहार शिशुओं को नहीं मिल पाता है इसलिए बच्चा कमजोर हो जाता है। इसी के कारण उप्र में शिशु मृत्यु दर बढ़ी है। हम इसी दिशा में काम रहे हैं।

उन्होंने कहा, “उप्र में शिशु मृत्यु दर कैसे ठीक हो इसको लेकर नीति आयोग के साथ मिलकर हम कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि इस कमी को दूर किया जाए। गांव के अंदर पीएचसी और सीएचसी को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसका असर भी दिख रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले साल जनवरी से अक्टूबर तक और इस साल तक के आंकड़े निकालेंगे तो समझ में आएगा कि सरकार किस दिशा में काम करने का प्रयास कर रही है। जापानी इंसेफलाइटिस को रोकने के लिए सरकार ने 93 लाख बच्चों का वैक्सिनेशन कराया है। इसे रोकने के लिए भी सरकार काम कर रही है।

सिद्घार्थनाथ सिंह ने कहा कि उप्र में 25 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने की योजना बनाई गई है। यह अगले पांच वर्षो के भीतर खोले जाएंगे। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

सिद्घार्थनाथ सिंह ने अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की नाराजगी के बाबत कहा कि पार्टी बड़ी है। इसमें लोगों के अपने विचार होते हैं। लेकिन सभी लोगों को हिदायत दी गई है कि किसी को भी अपनी बात रखनी चाहिए लेकिन इसमें भाषा का चयन मर्यादा और सीमा में होना चाहिए।

निकाय चुनाव की चुनौतियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “किसी भी सरकार का आकलन छह महीने के कामकाज से नहीं हो सकता है। लेकिन हां एक दिशा जरूर दिखती है। योगी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने भी छह महीने में उप्र में विकास को एक दिशा देने का प्रयास किया है। जनता उसे जरूर समझेगी।”

उप्र में कैबिनेट मंत्री और सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की बगावत को लेकर सिद्घार्थनाथ ने कहा कि यह बड़ा मुद्दा नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ लोग इसे बैठकर आपस में सुलझा लेंगे।

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर ने निकाय चुनाव में सीटों के तालमेल को लेकर योगी सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो उनकी पार्टी अपने दम पर निकाय चुनाव में उतरेगी।


GFR DeskNovember 3, 2017
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लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय मूल के मॉरिशस वासियों को ओसीआई कार्ड की व्यवस्था से दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मॉरिशस के तीन दिवसीय दौरे पर गये मुख्यमंत्री ने कल पोर्ट लुई में भारतीय उच्चायुक्त द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में कहा कि ओसीआई कार्डधारी भारतीय मूल के मॉरिशस वासियों को भारत आगमन सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

उन्होंने कहा कि जनवरी, 2017 में 14वें प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर भारत सरकार द्वारा मॉरिशस में भारतीय मूल के नागरिकों के लिए विशेष ओसीआई कार्ड की घोषणा की गई थी। भारतीय मूल के मॉरिशस निवासी इस कार्ड को प्राप्त करने के लिए पीढ़ियों की बाध्यता के बिना आवेदन कर सकते हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई प्रवासी भारतीयों को उनका ओसीआई कार्ड सौंपा। योगी ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉरिशस यात्रा से दोनों देशों के सम्बन्धों को नई ऊंचाई मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई अभूतपूर्व पहल से मॉरिशस विकास के नये आयाम हासिल करेगा।

मुख्यमंत्री ने ओसीआई कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्ड को धारण करने वाले भारतीय मूल के मॉरिशस वासियों को आजीवन वीज़ा की अनुमति स्वतः प्राप्त हो जाएगी। वे भारत में बिना पुलिस सत्यापन के आजीवन ठहर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्ड धारकों को भारत में सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी। इस व्यवस्था से मॉरिशस में रहने वाले भारतीय प्रवासियों का अपने पूर्वजों की भूमि को बिना किसी हिचक करीब से देखने एवं समझने का मौका मिलेगा।


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