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Final ReportFebruary 13, 2016
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manoj-sinha-BJPNew Delhi: Satish Upadhyay is all set to continue as Delhi BJP chief while union minister Manoj Sinha is likely to replace Laxmikant Bajpai as head of Uttar Pradesh unit of Bharatiya Janata Party, informed sources said.

Upadhyay, who took over after Harsh Vardhan was elevated to the union cabinet after being elected an MP from Chandni Chowk, if nominated for the post, will get a full three year term.

Despite BJP’s rout in Delhi assembly elections in 2014 by Aam Aadmi Party (AAP), Upadhyay emerged as the front runner for the post because of the forthcoming civic bodies elections. He has been active in local body politics and had been chairman of education committee of South Delhi Municipal Corporation too.

Sources said Upadhyay’s name as state BJP chief has been finalised and it is just a matter of annoucement. The BJP, is also set to annouce its Chief in Uttar Pradesh in a day or two as the term of Bajpai is over.

Uttar Pradesh will go for polls in 2017. A BJP source told IANS that Sinha, the minister of state for railways, has emerged as the front runner for the top post.

However, five-term MLA Dharampal Singh Lodhi, an Other Backward Class (OBC) leader is also in the race.


Final ReportFebruary 11, 2016
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Akhilesh-Yadav-presents-intलखनऊ: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधानसभा में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुपूरक बजट पेश किया।

एक अधिकारी ने कहा कि 27000 करोड़ के इस बजट में कर्ज में डूबे किसानों और बीमार पड़ चुकी बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक मदद पर जोर दिया गया है।

बजट का एक बड़ा हिस्सा उन इलाकों में खर्च किया जाएगा जो सूखे की मार झेल रहे हैं और जहां किसान समस्याओं से जूझ रहे हैं।

केंद्र सरकार पहले ही राज्य के किसानों के लिए 1304 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है।

अनुपूरक बजट में बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और लखनऊ की मेट्रो रेल परियोजना पर भी जोर है।

बिजली कंपनियों को ‘उदय’ योजना के तहत बांड के जरिए 26,606 करोड़ दिए गए हैं।

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए 904.52 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को 2016-17 का बजट पेश करेंगे।

अनुपूरक बजट पेश करने के बाद अखिलेश ने कहा कि विपक्ष यह कह कर लोगों को गुमराह कर रहा है कि सरकार सूखा प्रभावित बुंदेलखंड की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।

हंगामे के बीच विपक्षी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।

इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही हंगामा शुरू हो गया। बसपा, कांग्रेस और भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में नाकाम साबित हुई है। विपक्ष खासकर शामली की घटना का जिक्र कर रहा था जहां पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशी की जीत के बाद हुई हर्ष फायरिंग में एक 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी।

कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच कर नारे लगाते रहे। इस सबके बीच मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट पेश किया।


Final ReportFebruary 11, 2016
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By-election-in-Uttar-Pradesलखनऊ: उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर 13 फरवरी को होने वाले उपचुनाव को समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस सेमीफाइनल मान रही हैं। इनका मानना है कि इसमें मिले वोट अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेंगे।

मालूम हो कि जिन सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है वे तीनों सीटें सपा के पास थीं जो जीते प्रत्याशी के निधन के कारण रिक्त हुई हैं। मुजफ्फरनगर से चितरंजन स्वरूप, देवबंद से राजेन्द्र सिंह राणा और फैजाबाद की बीकापुर सीट से मित्रसेन यादव चुनाव जीते थे।

विधानसभा के 2012 में हुए चुनाव में इन तीन सीटों में दो सीटों मुजफ्फरनगर और देवबंद में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। इसमें देवबंद सीट काफी कम अंतर से उसके हाथ आते आते फिसल गई थी। तीनों सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है तो दलित वोट भी हार जीत में निर्णायक भूमिका अदा करते हैं।

सपा के लिए तीनों सीटें प्रतिष्ठा का सवाल

सपा के लिए तीनों सीटों के उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल हैं। दलित वोट कभी भी पार्टी के पास नहीं रहे थे। सपा इस बार भी इस वोट बैंक पर भरोसा नहीं कर रही है। यदि एक सीट भी पार्टी के हाथ से निकली तो पंचायत चुनाव में मिली भारी भरकम जीत का जश्न मातम में बदल सकता है। हालांकि राज्य के लोग अच्छी तरह जान रहे हैं कि पंचायत चुनाव में जीत कैसे हासिल की गई है। सपा इन सीटों पर सहानुभूति वोट के सहारे हैं। यही कारण है कि पार्टी ने तीनों सीटों पर जीते प्रत्याशियों के बेटों को मैदान में उतारा है। 13 फरवरी को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार गुरुवार शाम को थम जाएगा जबकि मतगणना 16 फरवरी को होगी।

भाजपा की दलित वोटों नजर

भाजपा पश्चिम उ.प्र. की दो सीटों देवबंद और मुजफ्फरनगर पर एक बार फिर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की फिराक में है। इसके अलावा दलित वोटों पर भी उसकी नजर है। भाजपा नेता संगीत सोम और संजीव बालियान की हुई चुनावी सभाएं इसी ओर इशारा कर रही हैं। भाजपा की सभाओं में बताया जा रहा है कि कैसे बाकी राजनीतिक दलों ने दलितों को ठगा है।

कांग्रेस भी लगा रही दम

कांग्रेस को यूपी में राजनीतिक तौर पर भले ही गंभीरता से नहीं लिया जाता हो लेकिन पार्टी इस बार उपचुनाव गंभीरता से लड़ रही है। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री समेत अन्य नेता उपचुनाव वाले इलाके में सभा कर चुके हैं। बीकापुर क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री की सभा होनी है। कांग्रेस अपने परम्परागत दलित वोट को वापस पाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है।

ओवैसी भी दलित-मुस्लिम गठजोड़ में जुटे

इन तीन दलों के कोण में चैथा कोण असउद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन बना रही है। बीकापुर सीट के लिए उनकी हुई सभाओं में जुटी भीड़ को यदि किनारे कर दिया जाए तो वह मुस्लिम दलित गठजोड़ बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। सभाओं में उनके हमले पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ही रहे हैं। वह मतदाताओं को यह बताने का पूरा प्रयास कर रहे हैं कि कैसे सपा ने मुसलमानों और दलितों को ठगा है।

बसपा इस बार भी उपचुनाव के मैदान से बाहर

उपचुनाव नहीं लड़ने की अपनी नीति के तहत बसपा इस बार भी उपचुनाव से बाहर है। मायावती के शासनकाल में भी हुए उपचुनाव में बसपा ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। सपा, कांग्रेस और भाजपा उपचुनाव को इस लिहाज से सेमीफाइनल मान रही है कि इसमें मिले वोट अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेंगे।

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Final ReportFebruary 11, 2016
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Lucknow-High-Courtलखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद उच्च न्यायालय (खंडपीठ) और उसके आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

इस प्रदर्शन में 40 लोग घायल हो चुके हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, इस इलाके में सुरक्षा और सावधानी के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ताओं ने राजाधानी में एक अधिवक्ता की हत्या के विरोध में मंगलवार को जमकर प्रदर्शन किया था।

अधिवक्ताओं ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की, राहगीरों से मारपीट की, पत्रकारों के कैमरे तोड़ दिए तथा स्वास्थ्य भवन के अधिकारियों और पुलिस वालों पर भी हमला किया।

बुधवार को विरोध प्र्दशन की वजह से हिंसाग्रस्त सड़क पर जाम में फंसकर दो रोगियों ने दम तोड़ दिया।

अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

अवध बार एसोसिएशन के महासचिव आर.डी शाही ने बताया कि अधिवक्ताओं का कामकाज गुरुवार को भी बंद रहेगा।


Final ReportFebruary 10, 2016
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Rampal-Singh-Pundir-of-BJPलखनऊ: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने एक शिकायत और एक आंतरिक जांच के बाद उत्तर प्रदेश के देवबंद विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को मतदाताओं को धार्मिक आधार पर बांटने के उद्देश्य से घृणास्पद भाषण देने का दोषी करार दिया है।

सामाजिक कार्यकर्ता शहजाद पूनावाला ने रामपाल सिंह पुंडीर के भड़काऊ भाषण के लिए अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष उनके खिलाफ शिकायज दर्ज की है।

एक अधिकारी के मुताबिक, आयोग पुंडीर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखेगा।

आयोग के एक सदस्य प्रवीण डावर ने आईएएनएस को बताया, “एनसीएम ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और अध्यक्ष द्वारा लिखा गया पत्र दोनों नेताओं को भेजा जा रहा है और उसमें कानून के तहत तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।”

डावर ने कहा, “हमने मंगलवार को अपनी साप्ताहिक बैठक में इस शिकायत पर विचार किया और उसके मुताबिक इस पर कार्रवाई की जा रही है।”

शिकायतकर्ता पूनावाला ने आईएएनएस को बताया कि वह अल्पसंख्यक आयोग द्वारा उठाए गए कदम से संतुष्ट हैं और उन्हें उम्मीद है कि आरएसएस के पूर्व प्रचारक भाजपा नेता के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी ताकि यह उन लोगों के लिए एक सबक हो, जो वोट के लिए सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने राज्य में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर पहले भी एनसीएम की ऐसी ही सिफारिशों पर कार्रवाई करने से पीछे हटने का आरोप लगाया।

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Final ReportFebruary 9, 2016
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BJP-leader-Srikant-Sharmaनई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अराजकता की स्थिति है। पार्टी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के शासन की तुलना मुगल सल्तनत से की है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने संवाददाताओं से यह बात शामली जिले की रविवार की उस घटना के संदर्भ में कही, जिसमें जिला पंचायत चुनाव में जीत पर सपा कार्यकर्ताओं की हर्ष फायरिंग में एक 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी।

इस घटना को कवर करने गए टेलीविजन चैनल की टीम पर भी हमला किया गया और उन्हें काफी देर तक बंधक बनाए रखा गया।

शर्मा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में पूरी तरह अराजकता है। यह मुगल सल्तनत है, जहां गुंडे खुलेआम सड़कों पर हथियार के साथ जश्न मनाते हैं और उन पर तब भी कार्रवाई नहीं होती, जब वे एक इंसान की जान ले लेते हैं।”

शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औसतन रोजाना 17 सांप्रदायिक दंगे हो रहे हैं और दंगाइयों पर मामले दर्ज नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को शामली की घटना के संदर्भ में संभागीय परगनाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।


Final ReportFebruary 8, 2016
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 74 जिलों में रविवार को हुए 431 सीटों पर ब्लॉक प्रमुख सीटों में लगभग 80 फीसदी सीटों पर सत्ताधारी दाल समाजवादी पार्टी ने कब्ज़ा कर लिया है।
सपा के कुल ने 775 प्रत्याशी उतारे थे जिन में से 763 प्रत्याशी ने जीत दर्ज़ की है। इन प्रत्याशियों में 345 पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। सपा के बाद दूसरा नंबर के बीएसपी का रहा जिस के 47 प्रत्याशियों को जीत मिली है।
बीजेपी के 34, कांग्रेस और कौमी एकता दल के 10 प्रत्याशी जीते हैं। 77 निर्दलीय प्रत्याशी भी ब्लॉक प्रमुख बने हैं।
सपा ने मिर्जापुर में 12 में 10, झांसी में सभी 8, जालौन में सभी 9, प्रतापगढ़ में 17 में 15, लखनऊ में सभी 8, सोनभद्र में 8 में 7 सीटों पर बाजी मारी है। गोंडा में 15 सीटों में 13 सीटें, अमेठी में सभी 13, सीतापुर में 19 में 13, हमीरपुर में सात में छह, बरेली में 15 में 14 सीटों पर सपा ने कब्जा जमाया है। वाराणसी में आठ में छह सीटों पर सपा, एक पर भाजपा और एक पर अन्य, पीलीभीत में सभी सात सीटों पर सपा ने कब्जा जमाया है।
सिद्धार्थनगर में प्रमुख के चुनाव में सभी पांच ब्लाकों पर समाजवादी पार्टी को फतह मिली है।  संत कबीर नगर में 9 में से 7 सेटों पर सपा का कब्ज़ा रहा तो एक एक सीट बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय को मिली।

देवरिया ब्लॉक प्रमुख चुनाव: सूर्यप्रताप शाही के पुत्र सुब्रत शाही हुए विजयी; 13 ब्लॉक में से 5 पर सपा का कब्ज़ा

बस्ती ब्लॉक प्रमुख चुनाव: 15 में से 13 हुआ सपा का कब्ज़ा; देखिये पूरी लिस्ट

सिद्दार्थ नगर में भी बजा सपा का डंका

संत कबीर नगर ब्लॉक प्रमुख चुनाव: 9 में से 7 ब्लॉक में सपा का हुआ कब्ज़ा; जानिए विजयी प्रत्याशियों के नाम

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Final ReportFebruary 7, 2016
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Mulayam-Singh-Yadav-(file-pलखनऊ: अभी तक विपक्षियों पार्टियों के निशाने पर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव अब अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। सपा के ही एक नेता ने मुलायम को देश का सबसे बड़ा पूंजीपरस्त और तुच्छ जातिवादी नेता करार दिया है।

राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव व सपा नेता चौ लौटनराम निषाद ने पार्टी में फैले जातिवाद, भाई भतीजावाद, परिवारवाद, पूंजीवादी सोच व माफिया परस्ती पर उंगली उठाई है।

उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख मुलायम जातिवाद व पूंजीवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। मुलायम के लिए तुच्छ जातिवाद, परिवारवाद ही समाजवाद की परिभाषा बन गया है।

निषाद ने कहा कि विधान परिषद सदस्यों की घोषित सूची में 31 में से 16 यादव जाति के लोगों को टिकट दिया जाना सपा मुखिया मुलायम सिंह के तुच्छ जातिवाद का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि एक भी दलित व अतिपिछड़े को उम्मीदवार न बनाकर सपा ने 38 प्रतिशत अतिपिछड़ों व 21 प्रतिशत दलितों को सिरे से खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शायद सपा मुखिया 38 प्रतिशत अतिपिछड़ों को अपना वोट बैंक ही मानते हैं, जो न्याय संगत नहीं है।

निषाद ने कहा कि एमएलसी चुनाव की ही तरह जिला पंचायत अध्यक्ष के 74 में 39 व ब्लाक प्रमुख के लिए सामान्य व पिछड़े वर्ग की 60-70 प्रतिशत सीटों पर यादवों को ही उम्मीदवार बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि यूपी के जातिगत समीकरण में निषाद, लोधी, केवट, मल्लाह, कश्यप, रायकवार, कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, धीवर, राजभर, चैहान, तेली, किसान, प्रजापति, नाई, विश्वकर्मा, पाल आदि 38 प्रतिशत अतिपिछड़ी जातियां मुलायम के लिए महज वोट बैंक हैं। उन्होंने कहा कि अतिपिछड़ों के लिए मुलायम की मंशा न्याय संगत नहीं है।

उत्तर प्रदेश के सामाजिक समीकरण में यादव-10.48, निषादवंशी-10.25, लोधी-3.60, जाटव-11.56, गैर जाटव दलित-9.11, मुसलमान-16.46, गैर यादव मध्यवर्ती जातियां-6.62, अन्य एमबीसी व ईबीसी-22.09 प्रतिशत हैं। लेकिन मुलायम के लिए यादवों के आगे अतिपिछड़े व दलित समाज को कोई स्थान नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि मुलायम का वह कथन कि 2017 में नहीं तो सपा की कभी सरकार नहीं बनेगी, सत्य साबित होगा। सपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 60 सीट भी नहीं जीत पाएगी।


Final ReportFebruary 6, 2016
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UP-CM-Akhilesh-Yadavलखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से उत्तर प्रदेश के तेजी से विकास के लिए बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेस-वे निर्माण, औद्योगिक विकास, कृषि, सिंचाई, प्राकृतिक आपदा, मेट्रो रेल वगैरह के लिए अधिकतम सहयोग का अनुरोध किया है।

नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा आयोजित बजट पूर्व बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 7वें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने के मद्देनजर प्रदेश सरकार पर आने वाले व्यय भार के 50 प्रतिशत अंश तक सहायता प्रदान करने का भी अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बगैर देश का विकास संभव नहीं है, इसलिए उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन तथा भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अधिक से अधिक केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र बाजपेयी ने उनका बयान पेश किया।

अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसंख्या एवं भौगोलिक ²ष्टि से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर तेजी से ले जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपने सीमित संसाधनों से गंभीर प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही, राज्य के विकास के लिए तमाम नीति विषयक निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि विकास, खाद्य प्रसंस्करण, चीनी उद्योग विकास, अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी, सौर ऊर्जा आदि के लिए नई नीतियां बनाई गई हैं। सरकार द्वारा उठाए कदमों के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास से ही देश सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

यादव ने 14वें वित्त आयोग की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि विभाज्य पूल को 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किए जाने की संस्तुति को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन साथ ही केंद्र पुरोनिधानित योजनाओं के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के अंश में उत्तर प्रदेश राज्य का अंश 19.677 प्रतिशत से घटकर 17.959 प्रतिशत के स्तर पर आ गया, जिससे विभाज्य पूल में हुई वृद्धि का राज्य को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ केंद्र की कई योजनाओं को डि-लिंक या केंद्रांश में कमी कर दी गई है। राज्यों से अपेक्षा की गई है कि विभाज्य पूल में की गई वृद्धि से इन योजनाओं का वित्त पोषण किया जाए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित अधिकांश योजनाएं जनसामान्य से जुड़ी हुई हैं। केंद्र सरकार की तुलना में राज्य सरकार आम जनता के अधिक निकट है, जिस कारण इन योजनाओं को समाप्त किया जाना संभव नहीं है। राज्य को अपने सीमित वित्तीय संसाधनों से इन योजनाओं को चलाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में सूखे एवं ओलावृष्टि तथा असमय वर्षा तथा फरवरी, मार्च, 2015 में चक्रवाती तूफान के कारण हुई क्षति की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि इन विपदाओं से लगभग 7,500 करोड़ रुपये की हानि हुई है, जिसके सापेक्ष केंद्र सरकार ने मात्र 2,801 करोड़ रुपये राज्य सरकार को उपलब्ध कराए हैं। फिर भी राज्य सरकार ने किसानों की हानि की अधिक से अधिक भरपाई की है।

उन्होंने अनुरोध किया कि केंद्र सरकार द्वारा वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू किए जाने के प्राथमिक वर्षो में प्रदेश सरकार पर आने वाले व्यय भार के 50 प्रतिशत अंश तक की सहायता प्रदान की जाए।


Final ReportFebruary 6, 2016
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UP-Minister-Azam-Khanगाजीपुर: अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने यहां शनिवार को दावा किया कि अचानक पाकिस्तान दौरे के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां छिपे मोस्टवांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम से भी मिले थे।

आजम ने कहा, “बादशाह (मोदी) कहें तो सबूत के रूप में फोटोग्राफ भी दिखा सकता हूं। नवाज शरीफ के यहां उनकी मां से मोदी की मुलाकात के दौरान साथ में अडानी और जिंदल भी थे।”

गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र के बड़सरा गांव स्थित इंटर कालेज के वार्षिक समारोह में शामिल होने आए आजम ने हेलीपैड पर पत्रकारों से यह बात कही।

आजम ने केंद्र सरकार को ‘डील वाली’ सरकार बताते हुए कहा कि वाराणसी तो क्योटो नहीं बन पाया, लेकिन जापान के पीएम इसी नाम पर हजारों करोड़ रुपये की ‘डील’ करके चले गए।

आजम खां ने यह भी कहा, “हमारे पीएम पाक के पीएम को पश्मीना शॉल और मलिहाबादी आम भेजते हैं तो वहां से सीक कबाब आता है। इसके भी मेरे पास सबूत हैं।..कबाब लौकी से नहीं बनता।”

स्मार्ट सिटी योजना के बारे में आजम ने कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार को मोदी सरकार ने इस योजना में इसलिए शामिल नहीं किया, क्योंकि इन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है।

उप्र में कानून व्यवस्था के हालात का जिक्र करने पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं।

मीडिया पर हमला बोलते हुए आजम ने यहां तक कहा कि मोदी से मिलीभगत के कारण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भाजपा शासित राज्यों में हो रहे अपराधों को नहीं दिखाता।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नगर विकास का बजट केंद्र सरकार ने 40 फीसदी कम कर दिया है। भाजपा यहां पहले ही हार मान चुकी है, इसीलिए बजट रोक दिए गए हैं। भाजपा को विधानसभा चुनाव लड़ने वाले लोग नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस का यूपी में कुछ बचा नहीं है। बसपा का भी हाल पिछले चुनाव जैसा होगा।


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